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________________ आगम (१५) “प्रज्ञापना" - उपांगसूत्र-४ (मूलं+वृत्ति:) पदं [२२], -------------- उद्देशक: [-], ------------- दारं , -------------- मूलं [२८४] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित..आगमसूत्र-[१५]उपांगसूत्र-[४] "प्रज्ञापना" मूलं एवं मलयगिरि-प्रणीता वृत्ति: प्रत सूत्रांक [२८४] पंचिंदियतिरिक्खजोणियस्स आतिल्लियातो तिपिणवि परोप्परं नियमा कजंति, जस्स एयाओ कजंति तस्स उबरिल्लिया दोण्णि भइति, जस्स उवरिल्लातो दोणि कर्जति तस्स एतातो तिण्णिवि णियमा कजति, जस्स अपञ्चक्खाणकिरिया तस्स मिच्छादसणवचिया सिय कजति सिय नो क०, जस्स पुण मिच्छादसणवत्तिया किरिया का तस्स अपञ्चक्खाणकिरिया नियमा क०, मण्सस्स जहा जीवस्स, वाणमंतरजोइसियवेमाणियस्स जहा नेरदयस्स, समयणं भंते ! जीवस्स आरंभिया कि०कतं समयं पारिग्गहिया कि००१, एवं एते जस्स जं समयं जं देसं जं पदेसेण य चत्वारि दंडगा णेयवा, जहा नेरइयाणं तहा सबदेवाणं नेतवं जाब वेमाणियाणं (सूत्र २८४) 'कइणं भंते।' इत्यादि, आरम्भः-पृथिव्याधुपमईः, उक्तं च-"संरंभो संकप्पो परितावकरो भवे समारंभो। आरंभो उहवतो सुद्धनयाणं तु सबेसि ॥१॥" [संरम्भः संकल्पः परितापनिया भवेत् समारम्भः । आरम्भ उपद्रवका शुद्धनयानां तु सर्वेषां (मतं)॥१॥] आरम्भः प्रयोजनं-कारणं यस्याः सा आरम्भिकी, 'परिग्गहिय'त्ति परिग्रहो-धर्मोपकरणवर्जवस्तुखीकारः धर्मोपकरणमूर्छा च परिग्रह एव पारिग्रहिकी परिग्रहेण निर्वृत्ता वा पारिग्राहिकी, 'मायावत्तिया' इति माया-अनार्जवमुपलक्षणत्वात् क्रोधादेरपि परिग्रहः माया प्रत्ययः-कारणं यस्याः सा मायाप्रत्यया 'अपचक्खाणकिरिया' इति अप्रत्याख्यानं-मनागपि विरतिपरिणामाभावस्तदेव क्रिया अप्रत्या- ख्यानक्रिया, 'मिच्छादसणवत्तिया' इति मिथ्यादर्शनं प्रत्ययो-हेतुर्यस्याः सा मिथ्यादर्शनप्रत्यया, एतासां क्रियाणां दीप अनुक्रम 22929899180090amaerao207 [५२९] अत्र मूल-संपादने सूत्र-क्रमांकन-स्थाने पुन: एका स्खलना दृश्यते-(सूत्रं २८३) स्थाने (सूत्रं २८४) द्वि-वारान् मुद्रितं ~497~
SR No.035019
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 19 Pragyapana Mool evam Vrutti Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages514
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_pragyapana
File Size109 MB
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