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________________ आगम (१५) [भाग-१८] “प्रज्ञापना" - पदं [२], --------------- उद्देशक: -1, ------------- दारं [-], -------------- मूलं [४७] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित..आगमसूत्र-[१५]उपांगसूत्र-[४] "प्रज्ञापना" मूलं एवं मलयगिरि-प्रणीता वृत्ति: प्रत प्रज्ञापना याः मल यवृत्ती. सूत्रांक [४७]] R२ स्थान पदे व्य|न्तरस्थानं | सू.४७ दीप अनुक्रम [२१७] उकिनंतरविउलगंभीरखायफलिहा पागारहालयकवाडतोरणपडिदुवारदेसभागा जंतसयग्धिमुसलमुसंढिपरिवारिया अउज्ज्ञा सदाजया सदागुत्ता अडयालकोटगरइया अडयालकयवणमाला खेमा सिवा किंकरामरदंडोवरक्खिया लाउल्लोइयमहिया गोसीससरसरत्तचंदणदद्दरदिन्नपंचंगुलितला उवचियचंदणकलसा चंदणघडसुकयतोरणपडिदुवारदेसभागा आसत्तोसत्तविउलवडवग्धारियमल्लदामकलावा पंचवण्णसरससुरहि मुकपुष्फ'जोवयारकलिया कालागुरुपवरकुंदुरुकतुरुकध्रवमधमतर्गधुझ्याभिरामा सुगंधवरगंधिया गंधवट्टिभूया अच्छरगणसंघसंविकिबा दिवतुडियसहसंपणाइया पडागमालाउलाभिरामा सबरयणामया अच्छा सहा लण्हा पहा महानीरया निम्मला निष्पंका निकंकडच्छाया सप्पहा सस्सिरिया समिरीया सउज्जोया पासाइया दरिसणिज्जा अभिरूवा पडिरूवा एस्थ णं दाणमंतराणं देवाणं पज्जत्तापजत्ताणं ठाणा पत्रचा, तिमुवि लोयस्स असंखेजइभागे, तत्थ णं वहवे वाणमंतरा देवा परिवसंति, तंजहा-पिसाया भूया जक्खा रक्खसा किंनरा किंपुरिसा भुयमवइणो महाकाया गन्धवगणा य निउणगंधवगीयरइणो अणवन्नियपणवनियइसिवाइयभूयवाइयकंदियमहाकंदिया य कुहंडपयंगदेवा चंचलचलचवलचित्तकीलणदवप्पिया गहिरहसियगीयणचणरह वणमालामेलमउडकुंडलसच्छंदविउवियाभरणचारुभूसणधरा सबोउयसुरभिकुसुमसुरइयपलंबसोहंतकंतविहसंतचित्तवणमालरइयवच्छा कामकामा कामरूवदेहधारी णाणाविहयण्णरागवरवललंतचित्तचिल्ल(लल)गनियंसणा विविहदेसिनेवस्थगहियवेसा पमुइयकंदप्पकलहकलिकोलाहलप्पिया हासबोलबहुला असिमुग्गरसत्तिकुंतहत्था अणेगमणिरयणविविहनिम्जुत्तविचित्तचिंधगया महिड्डिया महज्जुझ्या महायसा महाबला महाणुभागा महासुक्खा हारविराइयवच्छा कडयतुडियर्थभियभुया संगयकुंडलमट्टगंडयलकनपीढधारी 330002026792000 ॥९५॥ ~202~
SR No.035018
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 18 Pragyapana Mool evam Vrutti Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages426
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_pragyapana
File Size93 MB
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