SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 249
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ आगम (१३) [भाग-१५] “राजप्रश्नीय” – उपांग सूत्र-२ (मूलं+वृत्ति:) --------- मूलं [५४] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित..आगमसूत्र- [१३], उपांगसूत्र- [२] “राजप्रश्नीय" मूलं एवं मलयगिरि-प्रणीता वृत्ति: श्रीराजमश्नी मलयगिरी या दृतिः चित्रस्व धर्ममाप्तिः मू०५४ प्रत ॥ १२०॥ सूत्रांक [५४] दीप अनुक्रम [५४] तए णं सा महतिमहाल या महचपरिसा केसिस्स कुमारसमणस्स अंतिए धम्मै सोचा निसम्म जामेव दिसि पाउभूया तामेव दिसिं पडिगया, तए ण से चित्ते सारही केसीस्स कुमारसमणस्स अंतिए धर्म सोचा निसम्म हट्ट जावहियए उहाए उदेह २त्ता केसि कुमारसमणं तिकखुत्तो आयाहिणं पयाहिणं करेइ २बंदह नमसइरत्ता एवं वयासी-सद्दहामिण भंते ! नि गर्थ पावयणं पत्तियामि गंभंते ! निग्गंध पावयणं रोएमिण भंते ! निगं पावयणं अन्धुढेमि णं भंते !निर्गथं पावयणं एवमेय निर्गथे पावयणं तहमेय भैते! अवितहमेय भंते!०,असंदिद्धमेयं सच्चेणं एस अढे जपणं तुम्भे वदहत्तिका वदह नमसहर त्ता एवं वयासी-जहा णं देवाणुप्पियाण अंतिए यहवे उन्गा भोगा जाव इन्भाइन्भपुत्ता चिचा हिरण्णं चिचा सुवणं एवं धणं धन बलं वाहणं कोसं कोडागारं पुर अंतेउर चिया विउलंधणकणगरयणमणिमोत्तियसंखसिलप्पवालसंतसारसावएज्जं विच्छता विगोवदत्ता दाणं दाइयाणं परिभाइत्ता मुझे भवित्ता आगाराओ अणगारियं पश्यति,णो खलु अहंता संचाएमि चिचा हिरणं तं चेव जाव पवइत्तए, अहण्णं देवाणुप्पियाणं अंतिए पंचाणवाय सत्तसिक्खावश्यं दुवालसविहं गिहिधर्म पडिवज्जित्तए,अहासुहं देवाणुप्पिया ! मा पडिबंधं करेहि,तए णं से चित्ते सारही केसीकुमारसमणस्स अतिए पंचाणुवतियं जाव गिहिधर्म उवसंपज्जित्ताणं विहरति, तए णं से चित्ते सारही केसिकुमारसमणं वेदइ नमसइ २त्ता जेणेव चाउग्धंटे आसरहे तेणेव पहारेत्थ गमणाए ॥१२०॥ चित्र-सारथिः, तस्य धर्म-प्राप्ति: ~249~
SR No.035015
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 15 Rajprashniya Mool evam Vrutti
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages314
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_rajprashniya
File Size68 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy