SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 265
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ आगम (०३) [भाग-5] “स्थान" - अंगसूत्र-३ (मूलं+वृत्ति:) स्थान [३], उद्देशक [२], मूलं [१५४] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित...आगमसूत्र - [०३], अंग सूत्र - [३] "स्थान" मूलं एवं अभयदेवसूरि-रचित वृत्ति: प्रत सूत्रांक [१५४] साओ पं००-ईसा तुडिया दढरहा, एवं सामाणियअग्गमहिसीणं, एवं जाव गीयरतिगीयजसाणं, चंदस्स णं जोतिर्सिदस्स जोतिसरसो ततो परिसातो पं०, सं०-तुंबा तुडिया पठ्या, एवं सामाणियअगमहिसीर्ण, एवं सूरस्सधि, सकस्स णं देविंदस्स देवरो ततो परिसाओ पं० सं०-समिता चंडा जाया, एवं जहा पमरस्स जाव अग्गमहिसीणं, एवं जाव अधुतस्स लोगपालाण (सू० १५४) सगमश्चार्य, नवरं 'अमरिंदरसे त्यादौ इन्द्र ऐश्वर्ययोगात् राजा तु राजनादिति 'परिषत' परिवार, सा च त्रिधार प्रत्यासत्तिभेदेन, तत्र ये परिवारभूता देवा देव्यश्चातिगौरव्यत्वात् प्रयोजनेष्वप्याहूता एवागच्छन्ति सा अभ्यन्तरा| परिषत् ये स्वाहता अनाहूताश्चागच्छन्ति सा मध्यमा ये त्वनाहता अप्यागच्छन्ति सा बाह्येति, तथा यया सह प्रयोजन पर्यालोचयति साऽऽद्या यया तु तदेव पोलोचितं सत् प्रपश्चयति सा द्वितीया यस्यास्तु ततावर्णयति साऽम्त्येति ॥ | अनन्तरं परिषदुत्पन्नदेवाः प्ररूपिताः, देवत्वं च कुतोऽपि धर्मात्, तत्प्रतिपत्तिश्च कालविशेषे भवतीति कालविशेपनिरूपणपूर्व तत्रैव धर्मविशेषाणां प्रतिपत्तीराह ततो जामा पं० सं०-पढमे जामे मसिमे जामे पच्छिमे जामे, तिहिं जामेहिं आता केवलिपन्न धर्म लभेज सवणताते-पढ़ने जामे मज्झिमे जामे पच्छिमे जामे, एवं जाव केवलनाणं उप्पाडेजा पढमे जामे मजिसमे जामे पच्छिमे जामे । ततो क्या पं०२०-पढमे वते मज्झिमे वते पच्छिमे वए, तिहिं बतेहिं आया केवलिपन्न धर्म लभेज सवणयाए, तं0-पढमे वते मझिमे बते परिछमे बते, एसो चेव गमो यन्यो, जान केवलनाणंति (सू० १५५) दीप अनुक्रम [१६२] ~265~
SR No.035005
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 05 Sthan Mool evam Vrutti Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages594
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_sthanang
File Size123 MB
JainGPT.orgInstagram
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy