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________________ आगम (०३) [भाग-5] "स्थान" - अंगसूत्र-३ (मूलं+वृत्ति:) स्थान [२], उद्देशक [२], मूलं [७८] पूज्य आगमोद्धारकरी संशोधित: मुनि दीपरत्नसागरेण संकलित....आगमसूत्र - [०३], अंग सूत्र - [०३] "स्थान" मूलं एवं अभयदेवसूरि-रचित वृत्ति: प्रत सूत्रांक [७८] श्रीस्थाना- सूत्रवृत्तिः २ स्थानकाध्ययने उद्देशः २ | नारकाणां गल्यागती भव्यत्वादिच ॥ ५९॥ दीप अनुक्रम [७८] दयः सर्वे गृहीता द्विस्थानकानुरोधादिति, तेभ्यो वा-नारकवर्जेभ्यः समुत्पद्यते, 'णोपुदविकाइयत्ताएत्ति, देवनारकव- र्जाकायादितया गच्छेदिति, 'एवं जाव मणुस्स'त्ति, यथा पृथिवीकायिका 'दुगतिया' इत्यादिभिरभिलापरुक्ता एवमे- भिरेवाकायिकादयो मनुष्यावसानाः पृथिवीकायिकशब्दस्थानेऽप्कायादिव्यपदेशं कुर्वद्भिरभिधातव्या इति । व्यन्तरादयस्तु पूर्वमतिविष्टा एवेति । जीवाधिकारादेव भव्यादिविशेषणैः षोडशभिर्दण्डकारूपणायाह-- दुविहा नेरइया पन्नत्ता, तंजहा-भवसिद्धिया चेव अभवसिद्धिया चेव, जाव वेमाणिया १। दुविहा नेरइया पं०२०अर्णवरोववनगा चेव परंपरोववनगा चेक जाव वेमाणिया २। दुविहा णेरड्या पं० २०--गतिसमावन्नगा चेव अगतिसमा. वनगा चेव, जाव वेमाणिया ३ । दुविहा नेरइया पं० २०-पढमसमओवबन्नगा चेव अपढमसमभोववनगा चेव आव वेगाणिया ४। दुविहा नेरइया पं० ०-आहारगा चेष अणाहारगा चेव, एवं जाव वेमाणिया ५। दुविहा राया पं० सं०-उस्सासगा चेव णोउस्सासगा चेव, जाव वेमाणिया ६। दुविहा नेरड्या पं० सं०-सइंदिया चेव अणिदिया घेव, जाव वेमाणिवा ७। दुविहा नेरइया पं० २०-पजत्तगा चेव अपज्जत्तगा चेव, जाव वेमाणिआ ८। दुविहा नेरइया पं० २० -सन्नि चेव असन्नि चेव, एवं पंचेंदिया सब्वे विगलिंदियवजा, जाव वाणमंतरा (वेमाणिया) ९ । दुविहा नेरइया पं० तं०-भासगा चेव अभासगा घेव, एवमेगिदियवळ्या सव्वे १० । दुबिहा नेरइया पं० सं०-सम्मदिहीया चेव मिच्छरिहीया चेव, एगिवियवज्जा सव्वे ११ । दुविहा नेरइया ५००-परित्तसंसारिता चेव अणवसंसारिया चेव, जाव वेमाणिया १२ । दुविहा नेरझ्या पं० सं०-संखेजकालसमयद्वितीया चेव असंखेजकालसमयहितीया चेव, एवं पंचेंदिया www.aniran ~128~
SR No.035005
Book TitleSavruttik Aagam Sootraani 1 Part 05 Sthan Mool evam Vrutti Part 1
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAnandsagarsuri, Dipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherVardhaman Jain Agam Mandir Samstha Palitana
Publication Year2017
Total Pages594
LanguagePrakrit, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_sthanang
File Size123 MB
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