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________________ ICPD થી થશો पं. लालचंद्र गांधीए संपादित करेला अ (अप्रसिद्ध ग्रन्थ-ग्रन्थकृत्परिचय, प्रस्तावना भूमिका वि. साथे) गायकवाडप्राच्यग्रंथमालामा प्रकाशित IDIR 21 जेसलमेर-जैनभाण्डागारोयग्रन्थसूची 29 नलविलासनाटक कर्ता महाकवि रामचंद्र 37 अपभ्रंशकाव्यत्रयी कर्ता जिनदत्तसूरि 48 नाट्यदर्पण( सविवरण ) महाकवि रामचंद्र, गुणचंद्र 4-8 76 पत्तनस्थप्राच्यजैनभाण्डागारीयग्रन्थसूची। 8-0 [ ताडपत्रीय-विविधग्रन्थ-परिचयात्मक प्रथम भा] पाटणना प्रख्यात प्राचीन जैन भंडारोमा सेंकडो वर्षाथी छपायेला, ताडपत्रों पर सचवाइ रहेला, सं. प्रा. अपशादि। भाषाना, विविध विषयोना, अलभ्य दुर्लभ अप्रकट ग्रंथोनो परिचय करावनार,, ग्रंथकारोनी तथा ग्रन्थों लखावी समर्पण करनार श्रीमानो अने श्रीमतीओनी विशाल प्रशस्तियोथी, तथा राजाओ, राज्याधिकारीओ, विद्वानो, विविध देश-नगरो, गच्छो अने वश-ज्ञातियोना इतिहास पर प्रकाश पाउती सामग्रीओथी विभूषित थयेल, जैनोना अने गुजरातना गौरवभर्या उल्लेखाथी भरपूर, प्रत्येक पुस्तकालयो अने साक्षरोने उपयोगी महान् ग्रन्थस्यादिशब्दसमुच्चय (अवचूरि साथे) महाकवि अमरचन्द्र 0-12 1 पंचमी-माहात्म्य ( महेश्वरसूरिना प्रा. नो गु. अनुवाद 0-5 2 त्रिभुवनदोपकप्रबन्ध(प्रा.गु. आध्यात्मिक कवि जयशेखरसूरि०-८ 3 तेजपालना विजय (गोध्रा, पावागढ अने चांपानेरना -8 अप्रकट इतिहास साथे) [ साथे लेनारने योग्य लाभ थशे] -अभयचंद्र भगवान् गांधीके. रावपुरा रोड, गंभीराबिल्डींग, ठे. हेरीस रोड, वडोदरा भावनगर (काठियावाड) Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034907
Book TitleJinprabhsuri ane Sultan Mahommad
Original Sutra AuthorN/A
AuthorLalchandra Bhagwan Gandhi
PublisherJinharisagarsuri Gyanbhandar
Publication Year1939
Total Pages204
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati
File Size13 MB
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