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________________ पृष्ठ २ कर्क प्रथम २ सेनापति अमरचंद ३ चावड़वंश ४१ सुराण ५६ १८ सोलंकी वीर-श्रावक ३१ जोधपुर राज्य के १ सम्राट् कुमारपाल वीर श्रावक १६ बघेले राज्यके जैन-वीर ४४ १ मोहनजी १ वीरधवल २ कृष्णदासजी ५७ २ वस्तुपाल-तेजपाल ३ इन्द्रराज-धनराज ५८ २० वीर सुहृध्वज ३२ जयपुरराज्य के जैनयोद्धा ५६ २१ चन्दले जैन-वीर १ अमरचन्द दोवान ५६ १ धङ्ग-कीर्तिपाल | ३३ कोटकाङ्गणा के जैन २ पाहिल ४८ दीवान ५६ २२ परमारबंशी जैनराजा ४८ | ३४ धर्मवीर धर्मचन्दजी ६०, १ भोज | ३५ दक्षिण भारत के जैनवीर ६१ २ नरबर्मा १ वीर बाहुवलि ६. २३ कच्छप विक्रमसिंह ४६ २ प्राचीन पाण्ड्य-चोल २४ वीर राजा ईल ४६ चेर ६२ २५ भंजवंश के जैनराजा ४६ ३ चालुक्य जयसिंह २६ नाडोल के चौहान वीर ५० प्रथम २७ हस्तिकुण्डी के गठौर ५१ ४ राष्ट्र वीर अमोघवर्ष २८ जैनवीर कङ्कक प्रादि६४. २६ मेवाड़ राज्यके वीर ५२ ५ गगवंश मारसिंह व १ भामाशाह सेनापति चामुण्डराय २ प्राशाशाह प्रादि ३० बीकानेर राज्यके ६ होय्सलवंश-विष्णुवर्द्धन जैन-वीर ५४ नरसिंहदेव-विडिदेव १ बच्छावत जैनी ५४ सेनापति गणराज-हुन्न Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034885
Book TitleJain Viro ka Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKamtaprasad Jain
PublisherKamtaprasad Jain
Publication Year1930
Total Pages106
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
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