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________________ श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन १२१ किया। पेपरमें समाजसुधारके उग्र लेख प्रकाशित होते थे । इसलिए एक बार इनको लोगोंने पीट भी दिया था। तो भी ये अपने विचार प्रकट करते ही रहे । ____ दो बार ये बंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनके मेम्बर हुए थे । एक बार इन्होंने कॉर्पोरेशनमें यह प्रस्ताव रखा था कि," शहरमें भ्रूणहत्याओंकी जो घटनाएँ हुआ करती हैं उनको बंद करनेके लिए, म्युनिसिपॅलिटीके छोटे बड़े सभी अस्पतालोंके बाहर ऐसे बंबे रखवा दिये जायँ जिनमें, विधवाएँ या कुमारियाँ अपने निर्दोष शिशुओंको मारनेके बजाय, रख जाया करें।" कांग्रेस म्युनिसिपल पार्टीके ये सेक्रेटरी भी रहे थे । ये जैन एज्युकेशनल बोर्ड बंबईके मेम्बर हैं । कच्छी दसा ओसवाल जैन बोर्डिंग हाउस बंबईके ये आठ बरस तक सेक्रेटरी रहे थे। चार बरस तक मांडवी कांग्रेस कमेटीके सेक्रेटरी रहे । ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटीके ये तीन बार मेम्बर चुने गये थे; परंतु दो बार इन्होंने मुसलमान मेम्बरको भेजनेके लिए इस्तीफे दे दिये थे। ___ जब ये मांडवीमें कांग्रेसके सेक्रेटरी थे तब बहुत कार्य किया। एक बार करीब तीस हजार तक मेम्बरोंकी संख्या हुई । पाँच लाख और पैंतीस हजार रुपये तिलक स्वराज्य फंडमें जमा हुए। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034871
Book TitleJain Ratna Khand 01 ya Choubis Tirthankar Charitra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorKrushnalal Varma
PublisherGranth Bhandar
Publication Year1935
Total Pages898
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size96 MB
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