SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 66
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ खुश खबर. श्रीरत्नप्रभाकर झानपुष्पमाला-ऑफीस-फलोदीसे अाज पर्यन्त ज्ञानके 16 पुष्प छप चुके हैं. जिसमें जैन सिद्धांतों का तत्वज्ञान, आत्मझान, अध्यात्मज्ञान, औपदेशिक ज्ञान और मुनिधर्म व श्रावकधमे संबन्धी क्रियाओं का विधि विधान तथा जैन मन्दिर मूर्ति और दयादानके विषय बहूत ही सुगमतापूर्वक जनता लाभ उठा सकें इस ढंगसे संकलित किया गया है। मारवाड के अंदर जैन साहित्य का हिन्दीमें प्रचार करनेमें इस संस्थाने स्वल्प समयमें ज्ञान का बहूत प्रचार कीया है जो कि अाज तक करीवन् 2010000 पुस्तकें और 72000 इस्तिहार द्वारा जनता की अच्छी सेवा की ओर कर रही है ऐसी संस्थाओं की कदर याने सहायता करना प्रत्येक मनुष्य का परम कर्तव्य है। कमसे कम एकेक कॉपी मंगवाके अवश्य पढीए / सूचिपत्र मंगवाइए। किमधिकम् . पुस्तक मिलने का पत्ता : श्री रत्नप्रभाकर ज्ञान पुष्पमाला. फलोदी-(मारवाड) Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034863
Book TitleJain Jatiyo ka Prachin Sachitra Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherRatna Prabhakar Gyan Pushpamala
Publication Year
Total Pages66
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy