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________________ श्रीमहावीर नाम दीना. यह नाम बहुत प्रसिद्धदै. प्र. २८-श्रीमहावीरकी स्त्रीका नाम क्या था और वह स्त्री किसको बेटीथी. उ.-श्रीमाहावीरको स्त्रीका नाम यशोदा था, और सिद्धार्थ राजाका सामंत समरवीरकी पुत्री श्री जिसका कौमिन्य गोत्र था. प्र. २७-श्रीमहावीरजीने यशोदा स्त्रीके साथ अन्य राज्य कुमारोंकी तरे महिलोंमें नोग विलास कराया. न.-श्री महावीरजीके नोग विलासकी सामग्री महिल बागादि सर्वथी. परंतु महावीरजी तो जन्मसेंही संसारिक लोग विलासोंसे वैराग्यवान् निस्टह रहते थे; और यशोदा परणी सोनी माता पिताके आग्रहसें और किंचित् पूर्व जन्मोपार्जित नोग्य कर्म निकाचित नोगने वास्ते. अन्यथातो तिनकी नोग्य नोगनेमे रति नही थी. प्र.३०-श्रीमहावीरजीके को संतान हुआ था तिसका नाम क्याथा. न.-एक पुत्री हुश्श्री तिसका नाम प्रिय Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034862
Book TitleJain Dharm Vishayak Prashnottar
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJain Atmanand Sabha
PublisherJain Atmanand Sabha
Publication Year1907
Total Pages270
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size13 MB
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