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________________ मद्रास शहर में हुई शासन प्रभावना की झांकी . इस चातुर्मास में पूज्य पाद आचार्य देव श्री विजय भुवनतिलक सूरीश्वरजी महाराज को आज्ञा से उनके प्रभावक पट्टधर पूज्यपाद आचार्य विजय भद्रंकर सूरीश्वरजी म.सा. अपने शिष्य परिवार मुनि अरुणप्रभ वि., मुनि पुण्य वि., मुनि वारिसेण वि., मुनि वीरसेन वि., मुनि महासेन वि., मुनि विनयसेन वि., मुनि वज्रसेन वि. आदि ठाणाका संघ को योग प्राप्त हुआ। प्रभावना व संघ पूजा : पू. आचार्यश्रीने दक्षिणमें-महाराष्ट्रमें ६ चातुर्मास और आन्ध्रप्रदेशमें ३ चातुर्मास करके अपनी प्रभावक रोचकवाणीके प्रभावसे विविध नगरों में जैसेके प्रभु-प्रतिष्ठा :-शिवनी, सोलापूर, येवला, सिरुगुप्पा । उपधान तप :-नागपूर, हैद्राबाद । उद्यापन :सिकन्दराबाद,(२) सोरापूर । श्रीपाल (छःरो) संघ :-सोलापूर से कुलपाकजी (२५० मैल)। ज्ञान भंडार :-सोलापूर, यादगीरी। शांतिस्मात् पूजा:-नागपूर, येवला, सोलापूर, सिकंदराबाद, हैद्राबाद, अदोनी, कर्नुल, मुंबई (दादर)। सिध्धचक्रमहापूजन:-बालापूर, हिंगनघाट, जलगाँव, बिजापुर, कुलपाकतीर्थ, सिकन्दराबाद, आदोनी, यादगीरी, सोरापूर। जिन मंदिर के शिला स्थापन-खात मुहूर्तः-सिकन्द्राबाद, कर्नूल। • अट्ठाई-पंचकल्याणक-रत्नत्रयो उत्सवें :-शहापूर, अंतरिक्षजी, येवला, Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034852
Book TitleJagadguru Heersurishwarji
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPunyavijay
PublisherLabdhi Bhuvan Jain Sahitya Sadan
Publication Year
Total Pages60
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size13 MB
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