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________________ [ ४१ ] वस्तुपाल तेजपालके गिरिनारपर बनवाये धार्मिक स्थानोंको नामावली " वस्तुगल विहार" नामका श्री आदीश्वर भगवानका विशालमंदिर । आदोश्वर प्रभुको प्रति. मा । श्री अजितनाथ श्री वाप्नुपूज्य-स्खामोको पतिमायें । अंबिका माताकी मूर्ति । चंडप नामक अपने प्रपितामह -परदादाकी मूर्ति । श्री वीर परमात्माकी प्रतिमा । वस्तुपाल और तेजपालको दो मूर्तियें । अ. पने पूर्वजोंकी मूर्तियों के साथ श्री सम्मेतशिखरकी रचना । अपनी माता-कुमारदेवी. और अपनी ब. हिनकी मूर्तियों सहित श्री अष्टापदजीकी रचना कराई । तीनही मुख्य मंदिरोंपर तीन कीमती तोरण बंधाये । श्री शजय तीर्थ के रक्षक गोमुख यक्षका मंदिर बनवाया । हाथीकी सवारी सहित माताको मूर्ति । श्री नेमिनाथ स्वामी के चैत्यके तीनही दाजेपर बहुमूल्य तोरण-बंधाये । उसमंदिरकेदक्षिण उत्तर विभागोंमें पिताकी और दादाको मू. र्तियें बैठाई। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Unwanay. Sorratagyanbhandar.com
SR No.034829
Book TitleGirnar Galp
Original Sutra AuthorN/A
AuthorLalitvijay
PublisherHansvijayji Free Jain Library
Publication Year1921
Total Pages140
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
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