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________________ सम्मतियाँ BHARATIYA VIDYA BHAVAN 33-35. HARVEY ROAD, (Near Chowpatty) BOMBAY 7 ता० १३-२-४४ बीकानेर राज्य में बालदीक्षा प्रतिबन्धक कानून के जारी करने के लिये श्रीयुत चम्पालालजी बांठिया ने जो बिल तैयार किया है उसके लिये हमारी सम्पूर्ण सम्मति है। बड़ौदा जैसे प्रगतिशील राज्यने तो बहुत वर्षों पहले ऐसा कानून बनाकर अपने राज्य में होने वाली ऐसो अनुचित बालदीक्षा का प्रतिबन्ध करने का बहुत ही प्रशंसनीय कार्य किया है। बीकानेर राज्य भी एक प्रगतिशील राज्य गिना जाता है। उस राज्य में अबोध बालक बालिकाओं को मूण्ड कर उनके जीवन को अस्त-व्यस्त बनाने का निन्दनीय प्रचार जैन और हिन्दू फिरकों के कई साधु सन्यासियों के द्वारा बहुत बड़ी तादाद में होता रहता है इसलिए इस राज्यमें ऐसे कानून के होने की बहुत आवश्यकता है। पुराने धर्मशास्त्रों में इस विषय में चाहे जैसे कुछ विधान उपलब्ध होते हों पर वर्तमान काल की जो सामाजिक और राष्ट्रीय परिस्थिति है उसके ख्याल की दृष्टि से ऐसे नाबालिग बालक बालिकाओं को चाहे जिस तरह भरमा कर उन्हें अपने चेला चेली बनाने की जो प्रवृत्ति हो रही है वह बहुत ही निन्दनीय और हानि कारक है । अबोध बालक-बालिकाओंके जीवन और चरित्र-गठम Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034760
Book TitleBaldiksha Vivechan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorIndrachandra Shastri
PublisherChampalal Banthiya
Publication Year1944
Total Pages76
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size6 MB
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