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________________ [61] विद्वानों ने भाग लिया), बैंगलौर में तीन दिन तक जैन धर्म और कन्नडी साहित्य पर संवाद तथा जैन तीर्थों के फिल्म का प्रदर्शन हुआ। केरल में जैन धर्म पर संवाद हुआ और विश्व शान्ति के लिए प्रार्थना की गई। मध्य प्रदेश के उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में जैन चेयर भोपाल में 'वर्धमान पार्क, इन्दौर में 'स्वाध्याय भवन' और अन्यत्र स्थानों पर 27 कीर्ति स्तम्भ स्थापित करने के निर्णय लिये गये। उज्जैन में 11 लाख के फण्ड से 'सांस्कृतिक स्मारक' बनाने और मानव राहत के कार्य करने का निश्चय किया गया। ग्वालियर में प्रसिद्ध उद्योगपति श्री घनश्यामदास जी बिडला ने भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव स्मारक फण्ड द्वारा बनने वाले 'महावीर भवन' के लिए ढाई लाख का दान दिया। __ मणिपुर में 'भगवान महावीर आरोग्य भवन' 1 लाख रुपये खर्च कर बनाने का निर्णय हुआ। महाराष्ट्र बम्बई में प्रा. विजयधर्मसूरीश्वर जी के शिष्य पूज्य साहित्य कलारत्न मुनिराज श्री यशोविजयजी ने तीर्थंकर भगवान महावीर चित्र सम्पूट की रचना की जिसके चित्र श्री गोकुलभाई कापड़िया ने बनाये थे । प्लास्टर ऑफ पेरिस के विशाल पावापुरी जिनालय, बालकेश्वर में बना और विपुल साहित्य का वितरण हया । मलाबार हिल पर विशिष्ट कोटि का 'कीर्ति स्तम्भ' निर्माण किये जाने की योजना भी बनी है। राज्य सरकार ने 2 वर्ष के लिए शिकार पर प्रतिबन्ध लगाया है, आकोला में भी भगवान महावीर कीर्ति स्तम्भ, ईचलकरंजी में श्री महावीर जैन औषधालय, पूना (पूर्णे) में अजोड़ रथ-यात्रा निकली और जैन प्रदर्शनी लगाई गई, सांगली में कठपुतली द्वारा भगवान महावीर का जीवन प्रदर्शन हुआ। सोलापुर में 'महावीर अतिथि भवन व जैन म्यूजियम' निर्माण का निर्णय लिया । वर्धा में 'भगवान महावीर स्मृति भवन' बनाने का निश्चय किया गया और आचार्य विनोबा भावे ने इस अवसर पर सर्व सेवा संघ के हर एक सेवाभावी कार्यकरों को मांसाहार, मछली, अण्डा का जीवन भर त्याग करने के लिए अनुरोध किया। Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034609
Book TitleShraman Parampara Ki Ruprekha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJodhsinh Mehta
PublisherBhagwan Mahavir 2500 Vi Nirvan Samiti
Publication Year1978
Total Pages108
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size5 MB
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