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________________ मन्त्र-तन्त्र ७ नंबर तीनों लामा मग पाये गये और लाश का कहीं पता न था फटा हुआ कान नमान पर पड़ा था। इस प्रकार की अनेक कहानियाँ तिब्बत के भले आदमियों के न हम सुनन का मिलता है। इनमें इन लोगों का बड़ा पक्का विश्वास रहता है और इन कहानियों का ही लंकर तिब्बत के बारे में एक बड़ा पाथा अलग तैयार किया जा सकता है। जादू का खञ्जर जादू के ग्वजर-फबा-जिनका प्रयोग प्राय: लामा जादूगर करते है, कॉस. लकड़ो या हाथादाँत के बनाये जात हैं। ये देखने में बड़े बढ़िया होते हैं और इन पर प्राय: सुन्दर चित्रकारी भी साधारण साधे-सादे आदमी इसके नाम से कोसों दूर भागते है मजाल नहीं कि उनकी जानकारी में उनके घर के भीतर या आमपास कहीं पड़ोस में यह खजर रख दिया जाय। जादूगर जोग इस भयानक औजार में बड़े-बड़े जिन्द वश में किये रहते १ अवसर पाकर ये अपने का स्वतन्त्र कर लेने की चेष्टा करने म कुछ कसर नहीं करते और यदि इनका फिर जीतने की युक्ति न मालूम हुई तो जिसके पास यह खञ्जर रहता है उसके प्राणों एर हो या बनती है। ___ उत्तरी तिव्यत में यात्रा में-एक वार मेग साथ लामा लोगों क एक जत्थं से हो गया। बात-बात में पता चला कि ये लोग एक फबा ले जा रहे है। जिस लामा का यह फवा था उसे मरे अभी बाड़ ही दिन हुए थे और इसी अरसे में इस जादू के ग्वजर ने सैकड़ों आमत ढा दी थी। तीन त्रापाओं ने इसे छू लिया था उनमें से दो तो मर गये और तीसरे ने घोड़े पर से गिरकर अपनी Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, wafumaragyanbhandar.com
SR No.034584
Book TitlePrachin Tibbat
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRamkrushna Sinha
PublisherIndian Press Ltd
Publication Year
Total Pages182
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
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