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________________ मत छोड़ो। इसमें विजयता प्राप्त करनेके लिये कार्यको शान्त चित्त और धैर्य द्वारा किये जाओ। इस विषयमें न्यूयार्कके रहनेवाले एक डाक्टर अपने मित्रकी स्त्रीके पास मन द्वारा ही संदेश भेजते थे वह इस प्रकार था । भेजेनवाला-डाक्टर, मैं सकुशल हूं आशा है कि आप भी सकुशल होंगे । इन दिनोंमें कार्य अधिक है अतएव पत्र नहीं लिख सका । ग्रहणकरनेवाला-मित्र और उसकी स्त्री । मेरा कलका भेजा हुआ पत्र मिल जायगा । उसमें मैंने सर्व बातें लिख दी हैं। ( पत्रद्वारा मालूम करनेसे ये बातें सही मालूम हुई) भेजनेवाली-मित्रकी स्त्री। मेरी बहिन यानि आपकी पत्नी सकुशल पहुंच गई है और बच्चेका स्वास्थ्य अच्छा है । ग्रहण करनेवाला-डाक्टर। बहुत अच्छा, मेरी अर्धाङ्गिसे कहना कि बच्चेके स्वास्थ्यपर पूरा ध्यान रहे । संदेश भेजनेकी विधि । अब मनसे विचारका संदेश भेजने वाले व ग्रहण करनेवालेको क्या २ करना चाहिये ? जिस समय संदेश भेजना हो उस समय भेजनेवालेको अपनी वृत्ति ग्रहण करनेवाले मनुष्यमें जोड़देना चाहिये । दृढ़ इच्छासे संदेश भेजना चाहिये । विचार Shree Sudharmaswami Gyanbhandar-Umara, Surat www.umaragyanbhandar.com
SR No.034557
Book TitleMental Telepathy
Original Sutra AuthorN/A
AuthorUnknown
PublisherZZZ Unknown
Publication Year
Total Pages8
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size2 MB
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