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________________ ( ६९ ) (३) मगवती सूत्र के अन्तर शतक १३८ है (४) भगवती सूत्र के वर्ग १९ है (५) भगवती सूत्र के उदेशा १९२४ है (१) भगवती सूत्रके हाल में श्लोक १५७७२ है (७) भगवती सूत्रकि हाल में टीका करवन १८००० है (८) भगवती सूत्र वाचना ६७ दिने दी जाती है। * ( ९ ) भगवतीसूत्र कि नियुक्ति भद्रबाहु स्वामि रचीथी (१०) भगवती सूत्रकि चुरणी पूर्वघरोंने रचीथी * १६ पहलेसे आठवे शतक प्रत्येक शतक दो दो दिनोंसे बचाया जाय जिस्के दिन शोला होते है । ३३ नौवां शतक से पन्दरवा ( गोशाला ) शतकको छोड dear शतक एवं शतक कि वाचना उत्कृष्ट प्रत्यक शतक तीन तीन दिनसे वाचना दे जिस्का तेतीस दिन होते है । २ पन्दरवा ( गोशाला ) शतक एक दिनमें वचावे अगर रह जावे तो आम्बिलकर दुसरे दिन भी वचावे | ३ एकवीसवा बावीसवां तेवीसवा शतककि वाचना प्रत्यक दिन एकेक शतक कि वाचना देवे । ४ चौवीसवां पंचवीसवा शतककि वाचना दो दो दिन क १ छावीसवासे तेतीसवा शतक एक दिनमें वाचना देवे । ८ चौतीस वासें इगतालीसवां शतक आठ शतक, प्रत्यक दिन प्रत्यक शतक बचावे इसी माफीक भगवती सूत्रकी वाचना अपने शिष्यकों ६७ दिनमें देव वाचना लेनेवाले मुनियोंकों आम्बिलादि तपश्चर्य करना चाहिये ।
SR No.034235
Book TitleShighra Bodh Part 21 To 25
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherSukhsagar Gyan Pracharak Sabha
Publication Year
Total Pages419
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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