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________________ (५०) थोकडा नंबर १३. सूत्र श्री भगवती शतक ३६ (बेन्द्रिय महायुम्मा) ___महायुम्मा १६ प्रकारके होते है परिमाण. पैतीसवे शतककि माफिक समाझना. कडयुम्मा कडयुम्मा बेन्द्रिय काहासे आके उत्पन्न होते है ? तीर्यचके ४६ और मनुष्य के ३ एवं ४९ स्थानोंसे . आके बेन्द्रियमें उत्पन्न होते है यहां भी एकेंद्रियकि माफीक १२ द्वार कहना चाहिये जीस द्वारमें फरक है वह यहांपर बता दिया नाता है। (१) उत्पात-१९ स्थानकि है। (२) परिमाण-११-३२-१८ यावत असंख्याते । (३) भपहरनमें काल यावत् असंख्याते । (४) भवगाहाना उ• बारहा योननकि । ++ (९) लेश्या-कृष्ण निळ कापोत । (१०) दृष्टो दोय-सम्यग्दृष्टी मिथ्यादृष्टी (११) ज्ञान-दोयज्ञान दोयअज्ञान । (१२) योग-दोय मनयोग वचनयोग +++ (२५) इन्द्रिय-दोय स्पर्शेन्द्रिय रसेंद्रिय। (२६) अनुबंध-ज० एक समय उ० संख्याते काल । (२८) आहार=नियमा छेवौ दिशा काले । (२९) स्थिति ज० एक समय उ० बारहा वर्ष । (३०) समुद्वात तीन वेदनिय, कषाय, मरगति ।
SR No.034235
Book TitleShighra Bodh Part 21 To 25
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherSukhsagar Gyan Pracharak Sabha
Publication Year
Total Pages419
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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