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________________ (५७) (२७) संमहो-देखो गमाका बोकडा पृथ्वी अधिकार । (२८) आहार-व्याघातापेक्षा स्यात ३-४-५ दिशा निर्याघातापेक्षा नियमा छेवों दिशाका आहार लेवे। (१९) स्थिति-म० एक समय (महा युम्मा म्हेनेकि अपेक्षा) उकृष्ट २२००० वर्षकि (१०) समुद्घात-प्रथमकि च्यारोवाडे बहुत १ (३१) मरण-समोहिम मसमोहियके बहुत २ (३३) पवन-मरके ४९ स्थान ४६-३में जाते है। (१०) हे मावान् । सर्व प्राणभूत जीव सत्य कडयुम्मा कडयुम्मा एकेन्द्रयपणे पूर्व उत्पन्न हुवा है। (उ०) हे गौतम-एक बार नहीं किन्तु भवन्तीवार उत्पन्न ___ यह ३२ द्वार कहयुम्मा कडयुम्मापर उत्तारे गये है इसी माफीक ११ महायुम्मा पर उतार देना परन्तु परिमाण द्वारमें पूर्व वतटाये हुवे परिमाण कहना च हि इति १५-१ (१) प्रथम समयके कडयुम्मा ३ कि पृच्छा १ (उ०) प्रथम उद्देशा कि माफोक ३९ द्वार कहना परन्तु प्रथम समयके उत्पन्न हुग जीवों में नाणन्ता दश है यथा । (१) अवगहाना १० उ० अंगु० असं० माग । (२) आयुष्य कर्मका अवन्धक है (३) आयुष्य कर्मके अनुदिरक है. (४) उश्वास निश्वासगा नहीं है
SR No.034235
Book TitleShighra Bodh Part 21 To 25
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherSukhsagar Gyan Pracharak Sabha
Publication Year
Total Pages419
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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