SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 300
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ है और (१८) एक पुद्गल प्रवर्तनमें संख्यात समय नहीं बसंरूपात समय नहीं किन्तु अनन्त समय होते है (४९) एवं भूतकाळमें (१०) एवं भविष्य कालमें (५१) एवं सर्व कालमें मनन्त समय है कारण इस च्यार बोलोंमें काल अनंतो है। __(प्र) बहुवचनापेक्षा घणि अविलकामें समय संख्याते है मसंख्याते है ? भनन्ते है। . __(उ) संख्याते नहीं स्यात् असंख्याते स्गत अनन्ते समय है एवं १७ वां बोल कालचक्र तक कहना शेष च्यार बोल ( १८४९-१०-११) में संख्याते, असंख्याते समय नहीं किन्तु अनन्ते समय है। (9) एक श्वासोश्वासमें आविछका कितनि है। (उ) संख्याती है, शेष नहीं एवं १२ बोलतक स्यात संख्याती १३-१४-१५-१६-१७ इस पांच बोलों में असंख्याती है शेष १८-४९-५०-५१ वां बोलमें अनन्ती है एवं बहुवचनापेक्षा पन्तु ४२ बोलोतक स्यात् संख्यती स्यात् असंख्याती स्यात अनन्ती पांच बोलों में स्यात् असंख्याती स्यात् भनन्ती शेष च्यार बोलों में भाविकका अनन्ती है। इसी माफोक एकेक बोळ उत्तरोत्तर पृच्छा करने में एक वचनापेक्षा ११ वालों तक संख्याते ५ वालोंमें असंख्याते ४ वालों में अनंते और बहुतवचनापेक्षा १२ बोलो तक स्यात संख्याते स्यात असंख्याते सात अनंते, पांच बोलोमें, स्यत असंख्याते स्यात् अनन्ते और च्यार बोलों में अनन्ते कहना । चरम प्रश्न । (१) भूतकालमें पुद्गल प्रवर्तन कितने है।
SR No.034235
Book TitleShighra Bodh Part 21 To 25
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherSukhsagar Gyan Pracharak Sabha
Publication Year
Total Pages419
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy