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________________ (१०) संमहो-भवापेक्षा ज० दोय भव उ० आठ भक कालापेक्षा ज० दशहजार वर्ष अन्तरमहुर्त उ• च्यार सागरोपम च्यार कोड पूर्व अधिक इतना कालतक गमनागमन करते है निस्का नौ गमा। (१) ओघसे ओघ० ज० दशहजार वर्ष अन्तर महुर्त उ० च्यार सागरोपम और च्यार कोडपूर्व अधिक । (२) ओघसे जघन्य, दश हजार० अन्तमहुर्त उ० च्यार सागरोपम च्यार अन्तरमहुर्त । (३) ओघसे उत्कृष्ट-दशहनार० कोडपूर्व उ० च्यार कोडपूर्व च्यार सागरोपम । .. (४) जघन्यसे ओघ ० दश हजार मन्तरमहुर्त उ० चालीस हजार वर्ष और च्यार कोडपूर्व । ... (१) ज०से ज० दशहजार वर्ष अन्तरमहुतं उ० चालीस हजार वर्ष और च्यार मन्तर महुर्त । (६) न० से उत्कृष्ट, दशहजार वर्ष कोडपूर्व उ० चालीस इनार वर्ष और च्यार कोडपूर्व । (७) उ• से ओघ, एक सागरोपम अन्तरमहुर्त उ० च्यार सागरोपम और च्यार कोड पूर्व । (८) उसे जघन्य, एक सागरोपम अन्तरमहुर्त उ० च्यार सागरोपम और च्यार अन्तर महुर्त । (९) उ० से उ०, एक सागरोपम एक कोडपूर्व उ० च्यार सागरोपम और च्यार कोडपूर्व ।
SR No.034235
Book TitleShighra Bodh Part 21 To 25
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherSukhsagar Gyan Pracharak Sabha
Publication Year
Total Pages419
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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