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________________ पारण असंज्ञी तीर्यच पांचेन्द्रिय नरक जाता है परन्तु नरकसे निकलके असंज्ञी तीर्यच पांचेन्द्रिय नहीं होता है । कालापेक्षा १० दश हजार वर्ष अन्तर महुर्त अधिक उ० पल्योपमके असं. ख्यातमें भाग और कोड पूर्व अधिक इती २० द्वार। असंज्ञी तीर्यच पांचेन्द्रिय और स्नप्रभा नरकके नौगमा । (१) 'ओघसे ओघ' भवादेशेणं दोय भव, कालादेशेणं, दश हजार वर्ष अन्तर महुर्त अधिक । उ० कोड पूर्वाधिक पल्योपमके असंख्यात भाग । १। (२) 'ओघसे जघन्य अन्तर महुर्त दशहजार वर्ष । उ० कोडपूर्व दशहजार वर्ष । . (३) 'ओघसे उत्कृष्ट' अन्तर महुर्त पल्योपमके असंख्याते भाग, पूर्व कोड वर्ष और पल्यापमके असंख्यातमों भाग । (४) 'जघन्यसे ओघ' अन्तर महुर्त दश हजार वर्ष । उ० अन्तर महुर्त और पल्योपमके असंख्यामें माग। (५) 'ज०से जघन्य अन्तर महुर्त दशहनार वर्ष । अन्तर महुर्त और दशहमार वर्ष । - (६) ज से उत्कृष्ट, अन्तर महुर्त पल्योपमके असंख्याते भाग । उ० अन्तर महुर्त पल्योपमके असंख्याते भाग । .. (७) 'उत्कृष्ट से ओघ' कोड पूर्व दश हजार वर्ष, कोडपूर्व पल्योपमके असंख्याते भाग। (८) 'उ०से जघन्य' कोडपूर्व दश हजार वर्ष, उ० कोडपूर्व और दशहजार वर्ष । ..(९) 'उ०से उत्कृष्ट' कोडपूर्व, पल्योपमके असंख्याते भाग,
SR No.034235
Book TitleShighra Bodh Part 21 To 25
Original Sutra AuthorN/A
AuthorGyansundar
PublisherSukhsagar Gyan Pracharak Sabha
Publication Year
Total Pages419
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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