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________________ (पंचम खण्ड : परिशिष्ट ८३१ • महासती श्री सरलेश प्रभा जी म.सा. व्याख्यात्री महासती श्री सरलेश प्रभाजी म.सा. का जन्म वि.सं. २०१७ ज्येष्ठ शुक्ला नवमी ४ जून १९६० को भोपालगढ़ में हुआ। आपका विद्यालयीय अध्ययन चेन्नई में हुआ। आपके पिता धर्मनिष्ठ सुश्रावक श्रीमान् रिखबचन्दजी कांकरिया समर्पित श्रावक रत्न थे। माता श्रीमती पिस्ताकंवर जी ने पुणे में १२ मई २००३ को श्रमणी दीक्षा अंगीकार कर संयम पथ में चरण बढ़ाए हैं। आपने २१ वर्ष की युवावस्था में वि.सं. २०३८ वैशाख शुक्ला षष्ठी ९ मई १९८१ शनिवार को रायचूर (कर्नाटक) में भागवती दीक्षा अंगीकार की। दीक्षित होकर आपने आगमों, थोकड़ों एवं संस्कृत भाषा का अच्छा अध्ययन किया। आप मधुरभाषी एवं व्याख्यात्री महासती हैं। • महासती श्री चन्द्रकला जी म.सा. आपका जन्म भोपालगढ़ में वि.सं. २०२० मार्गशीर्ष शुक्ला एकादशी को हुआ। आपके पिता सुश्रावक श्री || भंवरलाल जी हुण्डीवाल हैं तथा माता सुश्राविका श्रीमती उमराव बाई थीं। आपने १८ वर्ष की युवावस्था में शासन प्रभाविका परम विदुषी महासती श्री मैनासुन्दरी जी म.सा. की निश्रा में वि.सं. २०३८ वैशाख शुक्ला षष्ठी को रायचूर में भागवती दीक्षा अंगीकार की। दीक्षित होकर आपने थोकड़ों एवं शास्त्रों का अभ्यास किया। आप मारवाड़ी तर्ज के धार्मिक भजनों को सुमधुर स्वर में गाती हैं। सरल-स्वभावी दृढमनोबली महासतीजी पर लगभग ७ वर्ष पूर्व मकान की छत गिर जाने से रीढ की हड्डी पर गहरी चोट आई, किन्तु आपने धैर्य एवं साहस से काम लिया। अभी भी आप चलने में पूर्ण समर्थ नहीं हुई हैं, अभ्यास जारी है। तथापि आप संवत् २०५७ के जयपुर चातुर्मास के पश्चात् स्वयं कुछ दूर चलकर एवं श्रद्धालु श्राविकाओं के द्वारा उठायी गई डोली से जोधपुर पधारे हैं तथा अपनी गुरुणीजी शासन प्रभाविका महासतीश्री मैनासुन्दरी जी म.सा. के सान्निध्य में • महासती श्री इन्दुबाला जी म.सा. व्याख्यात्री महासती श्री इन्दुबाला जी म.सा. का जन्म नागौर में वि.सं. २०१९ माघ शुक्ला नवमी को हुआ। आपके पिता श्री मांगीलाल जी सुराणा तथा माता श्रीमती ज्ञानबाई जी हैं। __आपने २० वर्ष की युवावस्था में वि.सं. २०३९ वैशाख शुक्ला तृतीया, सोमवार दिनांक २६ अप्रेल १९८२ को जोधपुर में तपस्विनी महासती श्री शान्तिकंवर जी म.सा. की निश्रा में भागवती दीक्षा अंगीकार की। आप बालक-बालिकाओं में धार्मिक संस्कार डालने हेतु प्रयत्नशील रहती हैं तथा व्याख्यात्री सती हैं। . महासती श्री विमलावती जी म.सा. आपका जन्म बारणी खुर्द में वि.सं. २०२० वैशाख शुक्ला तृतीया को हुआ। आपके पिता श्री मंगलसिंह जी | | भाटी तथा माता श्रीमती गीता बाई हैं। आपने १९ वर्ष की युवावस्था में वि.सं. २०३९ की वैशाख शुक्ला तृतीया २४ अप्रेल १९८२ को प्रवर्तिनी
SR No.032385
Book TitleNamo Purisavaragandh Hatthinam
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDharmchand Jain and Others
PublisherAkhil Bharatiya Jain Ratna Hiteshi Shravak Sangh
Publication Year2003
Total Pages960
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size34 MB
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