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________________ श्री नेमिनाथ १ : यमुना नदी के किनारे, शौरिपुर नामक एक बहुत बड़ा नगर था । उसमें, समुद्रविजय नामक एक अत्यन्त - अच्छे राजा राज्य करते थे । इनकी रानी का नाम था शिवादेवी । इन्हीं शिवादेवी के उदर से, राजा के एक पुत्र उत्पन्न हुए, जिनका नाम हुआ अरिष्टनेमि । अरिष्टनेमि को, लोग नेमिनाथ भी कहते थे । नेमिनाथ के ज्ञान, उनके गुण आदि इतने उत्तम थे, कि उनका वर्णन भी नहीं किया जा सकता । : २ : राजा समुद्रविजय के नौ भाई थे । ये सब, उनसे छोटे थे । सब से छोटे भाई का नाम था वसुदेव । वसुदेव के रूप तथा गुण का पार न था । इसी रूप- गुण के कारण, उन्हें अनेक राजाओं तथा धनी-मानी लोगों ने अपनी लड़कियें विवाह दी थीं । वसुदेव की अनेक रानियों में से, रोहिणी के बलदेव तथा देवकी से श्रीकृष्ण नामक पुत्र उत्पन्न हुए। ये दोनों भाई अत्यन्त - पराक्रमी थे ।
SR No.023378
Book TitleHindi Granthavali
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDhirajlal Tokarshi Shah, Bhajamishankar Dikshit
PublisherJyoti Karayalay
Publication Year1932
Total Pages398
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size17 MB
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