________________
१४
(बौद्ध) और खारवेल(जैन) के पालि और प्राकृत शिलालेख ही भारत के सबसे प्राचीन शिलालेख है । अन्य सभी उत्कीर्ण लेख इनके बाद के है।
(ब) 'उपदेशात्मक सूक्ति-संग्रह'--'धम्मपद' (बौद्ध) सदाचार सम्बंधी सक्तियों का श्रेष्ठ और प्राचीनतम काव्यात्मक संग्रह ग्रथ माना जाता है।
(स) 'उपदेशात्मक कथा-संग्रह' :
१. 'नायाधम्मकहाओ' (जैन) गद्य कथाओं का एक प्राचीन संग्रहात्मक ग्रंथ है जिसमें मुनियों को अपने आचरण और संयम में सुदृढ करने के लिए दृष्टांत कथाएँ मिलती है।
२. 'जातककथा' (बौद्ध) का पद्य भाग प्राचीन माना जाता है। यह भी कथाओं का संग्रहग्रंथ है । इसमें भगवान बुद्ध के पूर्व जन्म की कथाएँ दी गयी हैं जिसका हेतु पारमिताओं का परिशीलन करना है। लोक-कथाओं की दृष्टि से यह बहुत महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है।
३. 'विवागसुय' (जैन) और 'अवदान' (बौद्ध) जैसे ग्रंथों में पूर्व-भव में किये गये कार्यों का इस जन्म में अच्छा या बुरा फल देने वाली कथाओं का प्राचीनतम संग्रह है । 'जातकट्ठकथा' (बौद्ध) में भगवान बुद्ध के ही पूर्व भवों की कथाएँ आती है परन्तु इन ग्रन्थों में अनेक लोक पात्रों की भी कथाएँ हैं।
(द) 'गद्यात्मक चरित एवं रोमांस'-'वसुदेवचरित' या 'वसुदेवहिंडी' (जैन) उपलब्ध भारतीय साहित्य में प्रथम गद्य-चरित एवं गद्य-रोमांस कथा है।