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(६) चम्पू (समराइच्चकहा, कुवलयमाला, इत्यादि)
(७) उपहासात्मक कथा ( धूर्ताख्यान )
(८) औपदेशिक कथा और कथा - कोष ( उपदेशमाला, उपदेशपद, कथाकोषप्रकरण, आख्यानकमणिकोष, इत्यादि)
( ९ ) द्विसंधान काव्य ( कुमारपाल चरित)
(१०) स्त्रोत्र ( उवसग्गहर, लोगस्स, ऋषभपंचाशिका, अजियसंति - थव)
(११) सुभाषित (बप्पभट्टि का तारागण, गाहारयणकोस, वज्जालग्ग )
(१२) नाटक ( सट्टक - रंभामंजरी )
(१३) अलंकार ( अलंकारदप्पण)
(१४) व्याकरण ( चण्ड और हेमचन्द्र )
(१५) छन्द ( स्वयंभू छन्दस्, छन्दोनुशासन, कविदर्पण) (१६) कोण (पाइयलच्छी नाममाला, देशीनाममाला)
(क) तत्वज्ञान, सिद्धान्त और आचार संबंधी अन्य (जैन) प्राकृत साहित्य इस प्रकार है :
(१) जैन तत्त्वज्ञान (विशेषावश्यकभाष्य, छठीं शती का ) दर्शन खंडन-मंडन | सन्मतिप्रकरण, ( सन्मतिप्रकरण, धर्म संग्रहणी)
( 2 ) कर्मसिद्धान्त (कम्मपयडि, पंचसंग्रह एवं नव्यकर्म ग्रंथ १३वीं शती का )
(३) योग (योगविंशिका, योगशतक)