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________________ ११ (६) चम्पू (समराइच्चकहा, कुवलयमाला, इत्यादि) (७) उपहासात्मक कथा ( धूर्ताख्यान ) (८) औपदेशिक कथा और कथा - कोष ( उपदेशमाला, उपदेशपद, कथाकोषप्रकरण, आख्यानकमणिकोष, इत्यादि) ( ९ ) द्विसंधान काव्य ( कुमारपाल चरित) (१०) स्त्रोत्र ( उवसग्गहर, लोगस्स, ऋषभपंचाशिका, अजियसंति - थव) (११) सुभाषित (बप्पभट्टि का तारागण, गाहारयणकोस, वज्जालग्ग ) (१२) नाटक ( सट्टक - रंभामंजरी ) (१३) अलंकार ( अलंकारदप्पण) (१४) व्याकरण ( चण्ड और हेमचन्द्र ) (१५) छन्द ( स्वयंभू छन्दस्, छन्दोनुशासन, कविदर्पण) (१६) कोण (पाइयलच्छी नाममाला, देशीनाममाला) (क) तत्वज्ञान, सिद्धान्त और आचार संबंधी अन्य (जैन) प्राकृत साहित्य इस प्रकार है : (१) जैन तत्त्वज्ञान (विशेषावश्यकभाष्य, छठीं शती का ) दर्शन खंडन-मंडन | सन्मतिप्रकरण, ( सन्मतिप्रकरण, धर्म संग्रहणी) ( 2 ) कर्मसिद्धान्त (कम्मपयडि, पंचसंग्रह एवं नव्यकर्म ग्रंथ १३वीं शती का ) (३) योग (योगविंशिका, योगशतक)
SR No.022869
Book TitleBharatiya Bhashao Ke Vikas Aur Sahitya ki Samruddhi Me Shramano Ka Mahattvapurna Yogdan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorK R Chandra
PublisherPrakrit Jain Vidya Vikas Fund
Publication Year1979
Total Pages34
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size3 MB
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