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उत्तरायणं. ३४.
एसा तिरियनराणं ले साए ठिई उ वलिया हो । ते परं वोहामि लेसाप ठिई उ देवाणं ॥ ४७ ॥ दस वाससहस्लाई किए हाए ठिई जहन्निया होइ । पलियमसंखित इमो उक्कोसो होइ किएहाए ॥ ४८ ॥ जा किएहाए लिई खलु उक्कोसा सा उ समयमब्जहिया । जहनेणं नीलाए पलियमसंखं च उक्कोसा ॥ ४९ ॥ जा नीलाए ठिई खलु उक्कोसा साउ समयमब्नहिया । जन्नेणं काऊए पलियमसंखं च उक्कोसा ॥ ५० ॥ ते परं वोहामि तेऊलेसा जहा सुरगाणं । भवणवश्वाणमन्तरजोइसवेमाणियाणं च ॥ ५१ ॥ पलियोवमं जहन्नं उक्कोसा सागराओ पुन्नहिया । पलियमसंखेषं होइ जागेण तेऊए ॥ ५२ ॥ दस वाससहस्साईं तेऊए विई जहन्निया होइ । पुन्नददी पलिओम सङ्घभागं च उक्कोसा ॥५३॥ जा तेऊए ठिई खलु उक्कोसा सा उ समयमब्भहिया । जहनेणं पम्हाए दस उ मुहुत्ताहियाइ उक्कोसा ॥५४॥ जा पहाए ठिई खलु नकोसा साउ समयमन्नहिया । जहन्नेणं सुक्काए तेत्तीस मुहुत्तमब्जहिया ॥ ५५ ॥ किएहा नीला काऊ तिन्नि वि एयाओ मलेसाखो। एयाहि तिहि वि जीवो दुग्गई उवत्रई ॥ ५६ ॥ तेऊ पहा सुक्का तिन्नि वि एया धम्मलेसाखो । एयाहि तिहि वि जीवो सुग्गई उववई' ॥ ५७ ॥
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१ Ch ( चा. ) अहम्म. २ Ch. (चा.) ई. 4. ( आ. मां धारे) add बहुसो.