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________________ 惨惨惨惨惨惨惨對壓對慘慘慘发 卐 सम्पादक卐 र जिनशासनशणगार-तीर्थप्रभावक-नूतन श्रीअष्टा| पदजैनतीर्थ संस्थापक-परमपूज्य आचार्यदेव श्रीमद्विजयसुशील सूरीश्वरजी महाराज सा. के विद्वान् शिष्यरत्न-सुमधुर-प्रवचनकार-कार्यदक्ष पूज्य पंन्यासप्रवर श्रीजिनोत्तमविजयजी गरिणवर्य महाराज * सत्प्रेरक * स्वर्गीय निःस्पृह तपस्वी पूज्य उपाध्यायप्रवर श्री चन्दनविजयजी म. सा. के शिष्य रत्न भक्तिपरायणकुमारश्रमण पूज्य मुनिराजश्री रत्नशेखरविजयजी महाराज तथा विद्वान् पूज्य पंन्यासप्रवरश्री जिनोत्तम विजयजी म. सा. के ज्ञानाभ्यासी-तपस्वी-शिष्यरत्न ३ पूज्य मुनिराज श्री रविचन्द्रविजयजी महाराज । र श्रीवीर संवत् २५२२, विक्रम संवत् २०५२, नेमि संवत् ४७ औ प्रतियाँ-१००० प्रथमावृत्ति मूल्य १ रु. ५० पैसे * प्रकाशक * श्री सुशील साहित्य प्रकाशन समिति राईका बाग, जोधपुर-राजस्थान (मारवाड़) * मुद्रक * ताज प्रिण्टर्स, जोधपुर 021435, 21853 痛些病炎病坚据斥些病性病病奖后奖痛飛些希希奖斥希些病病
SR No.022444
Book TitleVishva Kartutva Mimansa Evam Jagat Kartutva Mimansa
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSushilsuri, Jinottamvijay
PublisherSushil Sahitya Prakashan Samiti
Publication Year1996
Total Pages116
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size9 MB
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