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________________ उपाध्याय विनयविजय : व्यक्तित्व एवं कृतित्व उपधान स्तवन गुराजती ८ ६ १० 99 १२ १३ १५ जिनपूजन चैत्यवंदन १४ जिनसहस्रनाम १६ १७ १८ १६ २१ २२ २३ कल्पसूत्र सुबोधिका संस्कृत टीका गुजराती २० पंचसमवाय स्तवन २४ वीरस्तवन जिचेइयथवण जिनचौबीसी २५ धर्मनाथ विनतिरूप स्तवना नयकर्णिका नेमिनाथ बारमासी नेमिनाथ भ्रमरगीता प्रत्याख्यान विचार पट्टावली झा प्राकृत गुजराती नुं गुजराती संस्कृत पुण्यप्रकाश स्तवन संस्कृत गुजराती गुजराती गुजराती गुजराती गुजराती २४ पद्य ४१५० श्लोक ७३ पद्य २७ पद्य १२० पद्य १२ पद्य १४६ पद्य १३८ पद्य २३ पद्य २७ पद्य ३६ पद्य २६ पद्य ५८ पद्य ७२ पद्य गुजराती भगवती सूत्र - सज्झाय गुजराती २१ प्रद्य मरुदेवी गुजराती माता-सज्झाय लोकप्रकाश संस्कृत ८७ पद्य ७ पद्य २०६२१ श्लोक १६६६ १७२५ १७३१ १७१६ १७०८ १७२८ १७०६ १७२३ १७१८ १७२६ १७३८ १७०८ गांधार सूरत दीव रांदेर रांदेर देर जूनागढ़ तपक्रिया विवरण कल्पसूत्र पर विस्तृत टीका तत्त्वज्ञान स्तवना स्तवना पूजाविधि परमात्म प्रभाव स्तोत्र रूपककाव्य जैन न्याय स्तवना फागु (काव्य) पच्चक्खाण विचार पंचकारण विवरण इतिहास श्रमण परम्परा आत्म आराधना विधि विधान सूत्र स्तवना स्वाध्याय तत्त्वज्ञान 43
SR No.022332
Book TitleLokprakash Ka Samikshatmak Adhyayan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorHemlata Jain
PublisherL D Institute of Indology
Publication Year2014
Total Pages422
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari & Book_Gujarati
File Size36 MB
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