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________________ भाद्रपद शुक्ला १३ मंगलवार दिनांक ४.६-७६ को पैंतालीस आगम की पूजा, प्रभावना, आंगी, भावनाशा. ओटरमल, पारसमल, कुन्दनमल पुत्र आईदानमलजी भीमाजी की तरफ से हुई। भाद्रपद शुक्ला १४ बुधवार दिनांक ५-६-७६ को परमपूज्य आचार्यवर्य श्रीमद् विजय दक्षसूरीश्वरजी म. सा. का जन्म दिन यानि ६८वां वर्ष में प्रवेश निमित्त श्री वीशस्थानक की पूजा, प्रभावना, आंगी, भावना-शा. सरेमल देवीचन्द, हसमुखकुमार, फूलचन्द, भीकमचन्द, प्रवीणकुमार, संजयकुमार, बेटा पोता वरदीचन्दजी धुलाजी की तरफ से हुई। भाद्रपद शुक्ला १५ गुरुवार दिनांक ६.६-७९ को प.पू. आचार्य श्रीमद् विजयमंगलप्रभसूरीश्वरजी म. सा. की आज्ञानुवर्तिनी पू. साध्वी श्री ज्ञानश्रीजी म. की शिष्या पू. साध्वी गुणप्रभाश्रीजी म. की शिष्या पू. साध्वी कुसुमप्रभाश्रीजी म. ने की हुई है उपवास की तपश्चर्या निमित्त हर प्रकारी पूजा, प्रभावना, आंगी, भावना नव उपवास करने वाली बहिनों की तरफ से हुई । आश्विन (भाद्रपद) कृष्णा १ शुक्रवार दिनांक ७-६-७६ को श्री अईद् अभिषेक पूजन, प्रभावना, आंगी, भावना, स्व. सुमतिवाई की पुण्य स्मृति में शा. खीमचन्द, मोतीलाल,
SR No.022127
Book TitleKulak Sangraha
Original Sutra AuthorN/A
Author
PublisherSushilsuri Jain Gyanmandir
Publication Year1980
Total Pages290
LanguageSanskrit, Gujarati
ClassificationBook_Devnagari & Book_Gujarati
File Size17 MB
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