________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir - - -- - - -- -- श्रीगणेशाय नमः। प्रतिभाबोधक सुषाकरहिवेदिरचितम् / नमामि राम रमवीयरूपमकारि बीवाशतिरत्र येन। पनेकरूपैकपरं प्रसादात् तस्य ब्रुवे भूतलवृत्तकपम् // 1 // वृत्ताधारा कैदिता भूतसाभ्यां सूची लम्बे वे भवेतां त्रिवाही। समिशन शौर्षादौ भुनौ यस्य सूच्याभाधारस्य व्यासरूपस्तृतीयः // 2 // या स्थाऐखा योगरूपा तयोः सा / तधिन् यसक्षातले सम्बरूपा। स्पष्टा विहन् बासनाऽस्थावबोध्या रेखानातक्षेत्रमित्य व ननम् // 3 // वबा प्रकग सूची बत्र अ शिरःसान तथा तत्र पकग विभुलं यस्य पर भग दो मुखो वतीयो भुजः पाधार -ram wwp For Private And Personal Use Only