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७. मारी आंखोमां आदिनाथ
(राग मारी आंखोमां आदिनाथ.) मारी आंखोमां आदिनाथ आवजो रे, हुं तो पापणना पुष्पे वधावू. मारा हैयानां हार बनी आवजो रे हुं तो.... तमे मरूदेवीना जाया, त्रणलोकमां आप छवाया, मारा मनना मंदिरमां पधारजो रे हुं तो.... भवसागर छे बहुभारी, झोला खाती आ नावलडी मारी, नैयाना सुकानी बनी आवजो रे हुं तो..... मने मोहराजाए हराव्यो, मने मारग तारो भूलाव्यो, जीवनना सारथि बनी आवजो रे हुं तो.... मारा दिलमा रह्या छो आप, मारा मनमां चाले तारो जाप, मारा मनना मयूर बनी आवजो रे...।
८. कृपा करो, कृपा करो
(राग - कोण भरे, कोण भरे) कृपा करो, कृपा करो, कृपा करो रे, आदिनाथ दादा आज कृपा करो रे, तारी कृपाथी मारा काज सरो रे... शत्रुजय गिरिना सांइ सोहामणा, देवाधिदेव करो दिलमां पधरामणा, अंतर पधारी मारूं श्रेय करो रे... भवनी गलीनो हुं तो मँडो भिखारी,
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