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दरिशन आपो दुःखडा कापो, शत्रुजय ना दादा रे, चरण कमलमा शिश नमावी, दर्शन करूं आदिनाथ रे, दया करीने भक्ति देजो, श@जय ना दादा रे, हुं दुःखीयारो तारे द्वारे आवी उभो आदिनाथ रे, आशिष देजो उरमा लेजो, शत्रुजय ना दादा रे, तारे भरोसे जीवन नैया, हांकी रह्यो श्री आदिनाथ रे, बनी सुकानी पार उतारो, शत्रुजय ना दादा रे, भक्तो तमारा करे विनंती, सांभलजो श्री आदिनाथ रे, सागर मंडलनी अरजी सुणजो, शत्रुजय ना दादा रे.
६. मूरति जोउं जोउं ने गमी । (राग - ओढणी ओढु ओदु ने उडी जाय) मूरति जोउं जोउं ने गमी जाय(२) मारा मनडामां माय, मारा हैया हरखाय, हे तारा दरशनथी पाप पलाय...मूरति हो...रे... (२)व्हाला मरूदेवीना नंद, हो...रे..(४) लागुं पाय(२) तारो महिमा गवाय, तारी आंगी रचाय(२) हे.. तारी आंगीन रूप सोहाय...मूरति हो...रे... (२)व्हाला शत्रुजय ना नाथ, हो...रे... (४) पकडो हाथ(२) तारी पूजा भणाय, तारी भक्ति कराय, हे तारा भक्तो गुणला गाय...मूरति
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