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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir अंगीकार (३) अंगीकार-(न०) स्वीकार । मंजूर। अंगोठो लगायो-(मुहा०) हस्ताक्षर की अंगीठी-(ना०) आग जलाने का एक जगह अंगूठे का चिन्ह लगाना । पात्र । बोरसी। अंगोभव-(न0) पुत्र । बेटो। अंगीठो-(न०) विशेष प्रकार की एक अंगोभ्रम(न०) १. पुत्र । बेटो । अंगीठी । अंगेठो। २. पौत्र । पोतो। पोतरो। ३. वंशज । अंगुली-(ना०) उंगली । प्रोगळी। (वि०) समान । सदृश । अंगूठी--(ना०) मुद्रिका । १. मुंबड़ी । अंगोळ-(ना०) १. स्नान । २. दूल्हे को बीटी। २. दरजी की अंगुली में पहनने स्नान कराते समय गाया जाने वाला एक की एक टोपी। अंगोरी। अंगुश्ताना। लोक गीत। अंगूठो–दे० अंगोठो। अंगोळियो—(न०) १. मर्दन-मालिश तथा अंगूर-(न०) द्राक्षा। हरी दाख । लीली स्नान कराने वाला व्यक्ति । २. नाई । दाख। ३. स्नान करने का पानी का बड़ा पात्र । अंगे-(प्रव्य०) १. किसी अंग या अंश में। ४. स्नान करने के लिए बैठने का पाटा। २. यथार्य में । ३. नितान्त । बिलकुल। ५. स्नानघर । अंगेई-(अव्य०) १. किसी अंग या अंश में अंगोळी-(ना०) स्नान । सिनान । भी। २. यथार्थ में भी। ३. बिल्कुल अंग्रेज - दे० अंगरेज। अंग्रेजी-दे० अंगरेजी। अंगेजणो-(क्रि०) १. स्वीकार करना। अंघ्रि--(न०) पैर । चरण । पग । २. ग्रहण करना। ३. सहना । अंघोर-(ना०) १. रोगी की अद्ध चेतन अंगेठी-दे० अंगीठी। अवस्था । २. रुग्णावस्था की नींद । अंगेठो-दे० अंगीठो। ग्रंचळ-दे० अंचल । अंगोअंग-(अव्य०) १. अंग-प्रत्यंग । अंचल-(१०) १. अोढने या साडी का मागे २. अंग-प्रत्यंग में। सम्पूर्ण अंगों में। की ओर रहने वाला छोर। अांचल । अंग-अंग में । ३. अंग से अंग सटाकर । पल्लो । अंचळो। ४. दिमाग में । समझ में । ५. विचार अंचळबंध-(न०) दुल्हा-दुल्हिन के उपवस्त्र और प्रोढ़नी का गठबंधन । गठजोड़ा। अंगोछो-(न०) १. शरीर पोंछने का मोटा अंचळी कपड़ा । तौलिया । गमछो । २. रुमाल । अंचळो-(न०) १. आँचल । २. गठजोड़ा। ३. उपवस्त्र । २. कफनी। अंचला। अंगोठी-(ना०) १. स्त्रियों के पांव की अंछ या-(ना०) इच्छा। अंगुली में पहनने का छल्ला । पोलरी। अंजण—(न०) १. अंजन । सुरमा । २. अंगूठी ।३. दरजी की अंगोरी । अंगुली २. काजल । रेल का एंजिन । त्राण । अंगुश्ताना । अंजन-दे० अंजण । अंगोठो-(न०) १. हाथ या पांव की अंजना-दे० अंजनी । सबसे मोटी व पहली अंगुली । २. स्त्रियों अंजनी-(ना०) हनुमान जी की माता का के पांव के अंगूठे का छल्ला । अंगोठी।। नाम । अंगोठो दिखाणो-(मुहा०) १. कुछ नहीं अंजळ-(न०) १. अन्न-जल । दाना-पानी। देना। २. इन्कार कर देना। वारणो-पाणी । २. भाग्य । For Private and Personal Use Only
SR No.020590
Book TitleRajasthani Hindi Shabdakosh Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBadriprasad Sakariya, Bhupatiram Sakariya
PublisherPanchshil Prakashan
Publication Year1993
Total Pages723
LanguageHindi
ClassificationDictionary
File Size12 MB
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