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________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra 418 2. वृहसंग्रहणी (400-500) गाथाएं 12. जिनदास महत्तर (वि.सं. 733) 1. निशी चूणिका 2. नंदीसूत्र - चूर्णी 13. हरिभद्रसूरि ( कुल 1444 ग्रंथ) 1. संबोधिप्रकरण www.kobatirth.org 2. समराइच्च कहा 14. शीलांकाचार्य (वि.सं. 925) 1. 'आचरांगसूत्र' की टीका 2. 'सूत्रकृतांग' की टीका 15. सिद्धर्षि सूरि - ( वि. सं. 962 ) उपामिति भव प्रपंच गाथा (विशालरूपक ग्रंथ ) 16. जम्बूनाग स्वामी (वि. सं. 1005) मणिपति चरित्र 17. अभयदेवसूरि- नवांगों पर टीकाएं 18. चन्द्रप्रभ महत्तर (वि. 1157-11377 - विजयचंद्रचरित (प्राकृत भाषा में) 19. वर्द्धमानाचार्य 1. मनोरमाचरित (प्राकृत) 2. आदिनाथ चरित (प्राकृत) 3. धर्मरत्नकरण वृतिः 20. जिनवल्लभसूरि 1. सूक्ष्मार्थ सिद्धान्त विचार सार 2. आगमिक वस्तु विचार सार 3. पिण्ड विशुद्धि प्रकरण 4. पौषध विधि प्रकरण 5. प्रश्न षष्टिशतक 6. श्रृंगार शतक 21. जिनदत्तसूरि 1. गणधर सार्थशतक 2. संदेह दोहावली 3. गणधर सप्त 22. देवभद्रसूरि Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir 1. आराधनाशास्त्र (प्राकृत) 2. वीर चरित (प्राकृत) 3. कथारत्नकोश (प्राकृत) 23. वीरगणी (चंद्रगच्छीय 1169) पिण्डनियुक्ति पर टीका For Private and Personal Use Only
SR No.020517
Book TitleOsvansh Udbhav Aur Vikas Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMahavirmal Lodha
PublisherLodha Bandhu Prakashan
Publication Year2000
Total Pages482
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size19 MB
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