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________________ ग्रन्थनाम ७७ (१) नन्दीसूत्र ७७(२) वृत्ति मलय • ३५ सूर्यप्रज्ञप्तिवृत्ति 99 ३६ १४८ ज्योतिष्करण्डकसूत्र वृत्तिसह मलय • ११७ विशेषावश्यकवृत्ति कोट्याचार्यकृता ११२ आवश्यकवृत्ति मलयगिरीया प्र० खंड ११३ द्वि० खंड "" 19 ८४(२) दशवैकालिक सूत्रवृत्ति हारि● ५५ कल्पवृत्ति प्रथम खंड ४६ "" कल्पलघुभाष्य ४ सूत्रकृतांगसूत्रवृत्ति समवायांगसूत्रवृत्ति ४० (५) पर्युषण कल्पटिप्पनक ९ (२) ४० (३) पर्युषणाकल्पनिर्युक्ति ४० (४) पर्युषणाकल्पचूर्णि ४५ ८२ (४) कल्पसूत्र टिप्पनक ८२ (५) कल्पसूत्रनिर्युक्ति ८२ (६) कल्पसूत्र टिप्पनक ४१ (१) दशाश्रुतस्कन्धसूत्रचूर्णि 29 ४१ (२) दशाश्रुतस्कन्धसूत्र १३२ आवश्यक वृत्तिटिप्पनक Jain Education International ७६ ४१ (४) पंचकल्पभाष्य नन्दीदुर्गपदवृत्ति २८ प्रज्ञापनासूत्रवृत्ति २९ प्रज्ञापनासूत्र २० (४) प्रश्नव्याकरणसूत्र २० क्र० २२ (९) प्रश्नव्याकरणसूत्र १९ (५) प्रश्नव्याकरणसूत्रवृत्ति २१ (४) २२ (४) २३ (३) 39 २२(६) उपासकदशांगसूत्र १९ (२) २१ (१) २३ (१) ग्रन्थनाम २० (१) २२(१) उपासकदशांगसूत्रवृत्ति "" 19 १९ (६) २१ (५) 39 For Private & Personal Use Only " 29 २२(७) अन्तकृद्दशांगसूत्र "" २० (२) २२ (२) अन्तकृदशांगवृत्ति १९ (३) २१ (२) २३ (२) २२ (८) अनुत्तरौपपातिकदशांगसूत्र 35 "" २० (३) २२ (३) अनुत्तरौपपातिकदशांग सूत्रवृत्ति १९ (४) २१ (३) २२ (१०) विपाकसूत्र 37 "9 95 २० (५) २२ (५) विपाकसूत्रवृत्ति 19 99 39 " www.jainelibrary.org
SR No.018005
Book TitleCatalogue of Sanskrit and Prakrit Manuscripts Jesalmer Collection
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPunyavijay
PublisherL D Indology Ahmedabad
Publication Year1972
Total Pages522
LanguageEnglish
ClassificationCatalogue & Catalogue
File Size10 MB
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