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________________ पृष्ठ विषय भगवान महावीर से. उपदिष्ट एवं अनुमत पांच स्थान १७४ १७५ १७६ १७६ १७७ १७८ 0 १७९ १६ भगवान महावीर के शासन और अन्य तीर्थंकरों के शासन में अंतर•४०/६९ वर्धमान (महावीर) और शासन संपदा •४०/४६ वर्धमान के ग्यारह गणधरों का विवेचन •४०/१ मौधिक गणधर विवेचन १ सोमिल ब्राह्मण द्वारा यज्ञ और गणधर-गणधरों के माम (पवे.) *२ गणघर-परिवार (गणघर के साथ दीक्षित ) •३ . गणधर की व्याख्या '४ गौतम गणधर के संशय "५ अग्निभूति के संशय , . .६ वायुभूति के संशय ७ व्यक्त गणधर के संशय '८ सुधर्म गणधर के संशय षष्ठम गणधर-मंडित के संशय सप्तम गणघर-मौर्यपुत्र के संशय अष्टम गणधर --अकंपित के संशय. .१२ नवम गणधर-अचलभाता के संशय *१३ दशमम् गणधर-मेतार्य के संशय एकादशम् गणधर-प्रभास के संशय गणधरों का सामान्य विवेचन १६ भगवान महावीर के गण और गणधर'१७ अंगपूर्वो की रचना और गणधर .१८ गणघरों का श्रुत १९ मणघर और तीर्थ *२. गणधरौ को प्रमुखता २१ गणवर और वर्षावास '२२. भगवान् के गणधरों का परिनिर्वाण 6 dr . or . , SV VI V . . . . १८१ १८१ १४ १८१ १८१ १८३ १८६ १८७ १८७ १८७ १८८ १८८ ( 38 ) Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.016033
Book TitleVardhaman Jivan kosha Part 2
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMohanlal Banthia, Shreechand Choradiya
PublisherJain Darshan Prakashan
Publication Year1984
Total Pages392
LanguageHindi
ClassificationDictionary & Dictionary
File Size24 MB
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