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काल रंग विष हरे पीले पित वाय नसे,
वीतडयो सो पेट सुलंनिलोपित दांनिये । नीर पय जैसो य सोई राज मान देत,
इहै वीध ननि के गुननि पहिचानिये । इति रत्नपरीक्षा संपूर्ण। लेखन काल-सं० १९३७ रा मिति आसु वदि १३ शनिवारे । शुभंभूयात् । प्रति-पत्र ११ । पंक्ति १३ । अक्षर २५ से ३० ।
( दानसागर भंडार व० नं० २५)