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________________ १६६ ] बांकीदासरी ख्यात [ २३६६-२४०७ २३ε६. सोराव फकीर कहावै, कागदामे फकीर लिखीजै है जईफ है कडप करावे नही सलूक कितावा सुण हैं, आदल सखी जिसू | २३९७ सोरावरै च्यार भाई, पाचवो आप ओक भाई मीर सोरावरो ऊमरकोट काम आयो हो मीर सोरावरा मुलकसू दिखण हैदरावाद आश्रमणो सिंधुरो दरिया पचनद मिल हुवो जिकै उत्तर दाऊद- पोहरा, पूरव जेसलमेर । पालणपुर २३१८ हयातखारै वसरा विहारी पालणपुररा धणी । २३ε६. पालणपुररो दीवाण कमालुद्दीखा, जिणरै वेटो पीरोजखा पीरोजखारो करमखा पातर-जादो पालणपुर दीवाण हुवो जिण धधवाडिया दुवारकादासनू खासो घोडो दियो गुजरात पधारता अभैसिंघजीरा डेरा पालणपुर जद । २४०० दीवाण पीरोजखारो वडो वेटो फतैखा पालणपुर दीवाण हुवो । नागौर २४०१ सन ७८५ ममसखा विजढुलमुलकरो बेटो गुजरातसू नागोर आय मालक हुवो । कालपी २४०२ काळपी मुसळमान काम आया ज्यारी चौरासी गुमटी है । २४०३ जवन कहै -प -पाच पीर जो काळपी जुझनै मरता तो काळपी मक्को हुतो । लखनऊ २४०४ लखनऊरो नबाब गाजूरदी हैदर जहापना कहावै सात करोड रुपियारो मुलक लखनऊ हेटै हुतो आघो मुलक अगरेजा अपणाय लियो साढी तीन क्रोडरो मुलक वजीररं रहतो । २४०५. हस्तरजाखा हैदरवेगखा आसहोलारै मुखतार हुता तासीन १, अपरीन २, इलयास तीन खोजा मनीजता आसउद्दोलारै । हैदरावाद २४०६ हैदरावादरा नवावर नव क्रोडरो मुलक हो क्रोड रुपियारो मुलक अगरेजा mrat आठ कोड रुपियारी पैदासरो मुलक हैदरावादरा नवावर है । २४०७. बहराई छव हैमारी नागपुर हेट ही, दस हेंमारी हैदरावाद हेट हुती हम मारी हैदरावाद हेट है ।
SR No.010598
Book TitleBankidasri Khyat
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNarottamdas Swami
PublisherRajasthan Puratattvanveshan Mandir
Publication Year1956
Total Pages233
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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