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________________ ( 16 ) ५- सुमति नाथ ६ पद्म प्रभ ७- सुपार्श्व नाथ ८ चन्द्र प्रभ - पुष्प दन्त १०- शीतल नाथ ११- श्रेयास नाथ १२- वासु पूज्य १३- विमलनाथ १- वैल २- हाथी ३ घोडा ४- बदर ५- चकवा १५ १६ ६- पद्म ७- स्वतिक १७ १८ १६ २० २१ २२ २३ १४- अनंत नाथ २४ प्र० १३४ - चौबोस भगवान की मूर्ति कहाँ है ? उत्तर-भारत में बम्बई, जयपुर चन्देरी सम्मेद शिखर, श्रवण बेलगोल, मूडवद्रि आदि अनेक स्थानो पर हमारे इन चोवीसो तीर्थकरो की मूर्तिया विराजमान है । प्र० १३५ - चौबीस तीर्थकरो के चिह्न बताओ ? उत्तर १३- शूकर १४- सेही धर्म नाथ शान्ति नाथ कुन्थु नाथ अरह नाथ मल्लि नाथ १५ वज्र १६- हिरण मुनि सुव्रत नमि नाथ नमि नाथ पार्श्व नाथ महावीर ८- चन्द्र ६- मगर १०- कल्पवृक्ष २२- शख ११- गेडा २३- सर्प १२- भैसा २४ - सिह १७- बकरा १८- मछली १६- कुभ २०. कछुआ २१- कमल
SR No.010123
Book TitleJain Siddhant Pravesh Ratnamala 08
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Mumukshu Mandal Dehradun
PublisherDigambar Jain Mumukshu Mandal
Publication Year
Total Pages319
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size11 MB
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