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________________ ( २ ) उसे लपाकर समभायो ? उ० (१) दाल अनेक पुद्गलों परमाणुत्रों का पिण्ड होने से ममान जाति द्रव्य पर्याय है। (२) आकार की अपेक्षा विभाव व्यंजन पर्याय है । (३) प्रदेशव गुगा को छोड़कर बाकी गृगों की अपेक्षा विभाव अर्थ पर्याय हैं। इसी प्रकार वाकी ह लगायो। प्र० ४८. प्रचेतन दाल का कर्ता कौन है । कौन नहीं है ? उ० दाल का कर्ता अाहार वर्गगा है, जीव और दूसरी वर्गगगा नहीं प्र० ४६. समयसार का कर्ता कौन है, कौन नहीं है ? उ० सपयसार का कर्ता शब्दों की अपेक्षा भाषा वर्गणा और पत्र की अपेक्षा प्राहार वर्गरणा है । श्री कुन्दकुन्द भगवान अमृतचन्द्राचार्य भगवान पौर दूसरी वर्गणा नहीं हैं ? प्र० ५०. रोटी का कर्ता कौन है, कौन नहीं है ? उ० रोटी का कर्ता आहार वर्गग्गा है. वाई चकला, बेलन, तवा और दूगरी वर्गणा नहीं है। प्र. ५१. शब्द का कर्ता कौन है, और कौन नहीं है ? शब्द का कर्ता भाषा वर्गणा है, जीव और दूसरी वर्गणा नहीं उ० प्र० ५२. मन का कर्ता कौन है, और कौन नहीं है ? उ० मन का कर्ता मनोवर्गणा है, जीव और दूसरी वर्गणा नहीं है ,
SR No.010116
Book TitleJain Siddhant Pravesh Ratnamala 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDigambar Jain Mumukshu Mandal Dehradun
PublisherDigambar Jain Mumukshu Mandal
Publication Year
Total Pages219
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size8 MB
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