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________________ ५८ अध्यात्म के नय नयचक्र प्रश्नोत्तर उत्तर : व्यवहारनय अभेद अखण्ड वस्तु के भेद करके अभेद ह्र अखण्ड वस्तु को ही समझाने के कारण निश्चय का प्रतिपादक है। प्रश्न ३०. निश्चय और व्यवहार किस अपेक्षा विरोधी हैं? उत्तर : विषयगत विरोध के कारण दोनों नय एक दूसरे के विरोधी हैं। व्यवहार का काम भेद करके समझाना है और संयोग का ज्ञान कराना है अत: वह अभेद-अखण्ड वस्तु में भेद करके समझाता है और संयोगों का ज्ञान कराता है। निश्चय का काम व्यवहार का निषेध करना है। प्रश्न ३१. क्या निश्चय-व्यवहार एक दूसरे के पूरक हैं? उत्तर : हाँ है। दोनों नय एक दूसरे के पूरक हैं। क्योंकि वस्तु के परस्पर विरोधी धर्मों में से एक का कथन निश्चय और दूसरे का कथन व्यवहार करता है। अतः वस्तु के संपूर्ण प्रकाशन और प्रतिपादन के लिए दोनों नय आवश्यक हैं। प्रश्न ३२. अनुभव को नयपक्षातीत किस अपेक्षा कहा है? उत्तर : अनुभव में निश्चयनय संबंधी विकल्प नहीं रहते ह्र इस अपेक्षा अनुभव को नयपक्षातीत कहा है। प्रश्न ३३. 'निश्चयनय के आश्रय से अनुभव होता हैं' ह यह किस अपेक्षा कहा है? उत्तर : निश्चयनय के विषयभूत अर्थ की अपेक्षा से निश्चयनय का आश्रय कहा है। प्रश्न ३४. दुनिया की मान्यता का प्रतिनिधित्व करने वाला कौन सा नय है? उत्तर : असद्भुत व्यवहारनय। प्रश्न ३५. लौकिक वचन व्यवहार किस नय पर आधारित हैं? उत्तर : असद्भुत व्यवहारनय। प्रश्न ३६. भिन्न वस्तुओं में अभेद व्यवहार करनेवाला कौन सा नय है? उत्तर: असद्भूत व्यवहारनय। प्रश्न ३७. अभिन्न वस्तुओं में भेद व्यवहार करनेवाला कौन सा नय है? उत्तर : सद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ३८. अखण्ड द्रव्य के बीच भेद डालकर समझने-समझाने का कार्य कौनसा नय करता है? उत्तर : सद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ३९. भेद और विकार का ज्ञान कौन सा नय कराता है? उत्तर : सद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ४०. उपचार को विषय बनानेवाला कौन सा नय है? उत्तर : अनुपचरित असद्भुत व्यवहारनय। प्रश्न ४१. उपचार में उपचार को विषय बनानेवाला कौन सा नय है? उत्तर : उपचरित असद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ४२. सदाचार की सीमा का प्रतिपादक कौन सा नय है? उत्तर : उपचरित असद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ४३. पुण्य-पाप के उदय में मिले संयोगों को कौन सा नय अपना कहता है? उत्तर : उपचरित असद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ४४. मानव एवं पशु, स्वधन एवं परधन, स्वस्त्री और परस्त्री में अंतर स्पष्ट करने वाला कौन सा नय है? उत्तर : उपचरित असद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ४५. आत्मा और शरीर को एक कहने वाला कौन सा नय है? उत्तर : अनुपचरित असद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ४६. शरीर को सजीव किस नय से कहा जाता है? उत्तर: अनुपचरित असद्भूत व्यवहारनय। प्रश्न ४७. रात्रि भोजन का त्याग किस नय से कहा जाता है? उत्तर: अनुपचरित असद्भूत व्यवहारनय। प्रश्न ४८. अहिंसात्मक आचरण का प्रतिपादन करनेवाला कौन सा नय है? उत्तर : अनुपचरित असद्भूत व्यवहारनय । प्रश्न ४९. अपनी भूलों का प्रतिपादन करनेवाला कौन सा नय है? 32
SR No.009461
Book TitleNaychakra Guide
Original Sutra AuthorN/A
AuthorShuddhatmaprabha Tadaiya
PublisherTodarmal Granthamala Jaipur
Publication Year
Total Pages33
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size1 MB
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