________________ 278 तत्त्वार्थसूत्र स्थौल्य 128 स्नातक 231, 232, 234 स्निग्ध 129, 139, 141, 143 स्निग्धत्व 138 स्पर्श 19, 56-58,86, 98, 116, 128,129, 131, 143-145, 169, 196,197, 199, 205, 211 स्पर्शन 8, 10, 15, 23, 56, 133, हरि 90, 93. 97 हरिभद्र 101 हरिवर्ष 89 हरिसह 97 हस्ति 101 स्पर्शनक्रिया 152 स्पर्शन-क्षेत्र 10 स्पर्शेन्द्रिय 57 स्मरण 25, 126 स्मृति 13, 14 स्मृत्यनुपस्थापन 185, 186, 189, हानोपाय 5 हास्य 169, 197, 204 हास्यप्रत्याख्यान 168 हास्यमोहनीय 161, 199 हाहा 101 हिंसा 75, 149, 151, 153, 155, 162, 166,170,172,173, स्मृत्यन्तर्धान 185, 186, 188 स्वगुणाच्छादन 163 स्वप्रतिष्ठ 120 स्वभाव 73, 128, 156, 157 स्वयम्भूरमण 90 स्व-रूप 137 स्वर्ग 96 स्वलिङ्ग 239 स्वसंवेदन 50 स्वहस्तक्रिया 152 स्वाध्याय 218, 219, 221 स्वानुभूत 32 स्वामिकृत 30 स्वामित्व 8, 9 स्वामी 30, 73 हिसानुबन्धो 226 हिंसाविरति 162 हिंसाविरमण 168 हिन्दुस्तान 40 हिमवान् 89, 91 हिरण्यसुवर्णप्रमाणातिक्रम 185, 186, 188 होनाधिकमानोन्मान 185, 187 हीयमान 28 हुड 205 हूहू 101 हृदयंगम 101 हेय 5 हेयहेतु 5 हैमवत 90 हैमवतवर्ष 89 हैरण्यवत 90 हैरण्यवतवर्ष 89 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org