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भगवती
मूलम्-सत्तपएसिए णं भंते ! कइवन्ने कांगंधे कइस्से कइफासे पण्णत्ते एवं जहा पंचपएसिए जाव सिय चउफासे पन्नत्ते जह एगवन्ने एवं एगरन्नदुवन्नतिवन्ना जहा छप्पएसियस्स। जइ च उवन्ने सिय कालए य नीलए य लोहियए य हालिहए य१, सिय कालए य नीलए य लोहियए य हालिदगा य२, सिय कालए य नीलए य लोहियगा य हालिद्दए य३, एवमेते चउक्कगसंजोगेणं पन्नरसभंगा भाणियब्वा जाव सिय कालगा य नीलगाय लोहियगा य हालिद्दए य१५ एवमेव पंचच उक्कसंजोगा नेयवा-एकके संजोए पन्नरस भंगा सव्वमेए पंचसत्तरी भंगा भवंति। जह पंचवन्ने सिय कालए य नीलए य लोहियए य सालिहप य सुकिल्लए य१, सिय कालए य नीलए य लोहियए. हालिहए य सुकिल्लगा य२, सिय कालए य नीलए य लोहियए हालिदगा य सुकिल्लए य३, सिय कालए य नीलए य लोहियए हालिहगा य सुकिल्लगा य४, सिय कालए य नीलए य लोहियगा क हालिइए व सुकिल्लए य५, सिय कालए य नीलए य लोहियगा य हालिद्दए य सुकिल्लगा य६, सिय कालए य, नीलए य लोहियगा य हालिदमाय सुकिल्लए य७, सिय कालए य नीलगाय लोहियएय हालिद्दए य सुकिल्लए यद, सिय कालए य नीलगा य लोहियए यहालिदए यसुकिल्लगाय९, सिय कालए य नीलगाय, लोहियए यहालिदगा य सुकिल्लए य१०, सियकालए य नीलगा
लोहियगा य हालिद्दए य सुकिल्लए य११, सिय कालगा य
શ્રી ભગવતી સૂત્ર : ૧૩