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बोंदराजा ने तेल चढावतडा ॥ मारे चुन्दड चीगट इम रे हुई । ये तो तेल चढाय जस लेयजो खरी, आ तो तेल री महिमा जगमें खरी, तेल उघाडो मति रखजो खरी जीवां री रक्षा करजो खरी, बना-बनडी रा आनन्द मनावो खरी॥
॥ लगदड का गीत ॥
(तर्ज-लगदड लो जो ।) लगदड लो मारा बालक बना लगदडलोजी, जिम थे लखपति होइजोजी ॥१॥ धाना लो मारा अन्तरलाडा धाना लो जी, जिम थे धनवंता होइजो जी ॥२॥ जीरो लो मारा अन्तर लाडा जीरो लोजी, जिम थे चिरंजीव रहिजो ॥३॥ दान देवो अन्तरलाडी दान देवोजी, जिम थे दानेश्वरी होयजोजी ॥४॥ तप करो अन्तरलाडा तप करो, तपस्वी थे होयजोजी ॥५॥ शिक्षा लेवो अन्तरलाडा शिक्षा लेवो, जिम थे जगमें शीलवंता होयजोजी ॥६॥
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