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________________ ५४ स्थिति सुधारवा खूब ज प्रयत्नो कर्या हता अने आशरे एक लाख रुपियानुं फंड एकटुं कर्यु हतुं. फालना अधिवेशनना ठरावो कागळ उपर नाहं राखतां तेना अमल माटे शेठ कान्तिलालभाईए निष्णातो, सरकारी अमलदारो वगेरेने मळी व्यवहार योजना घडी गृह उद्योगो माटे केन्द्रो उघाडवानी, सस्ता स्टोरो खोलवानी, रेशनमां राहत माटे मदद आपवानी अने मेट्रिक सुधीना विद्यार्थीओने फी अने पाठ्यपुस्तको माटे सहाय करवानी रचनात्मक प्रवृत्तिओ शरु करावी. तेमनी धगरा, लागणी, कॉन्फरन्सना उत्थान माटेनी अविरत प्रवृत्तिओ अने समाजनी सुंदरतम अनेकविध सेवाओने लक्ष्यमा लई अढारमा अधिवेशननो ताज पण फरीवार तेमना शिरे पहेराववामां आव्यो, फालनानी जेम जूनागढ अधिवेशननुं उद्घाटन पण शेठ श्री कस्तुरभाई लालभाईना वरद हस्ते थयुं हतुं. ता. २७-२८ मे १९५१ना दिवसोमां मळेला अधिवेशनना स्वागतप्रमुख शेठ परसोत्तम सुरचंदे सौराष्ट्रने तीर्थोनी, संतोनी, साक्षरोनी, स्वप्नदृष्टाओनी अने शहीदांनी भूमि तरीके ओळखावी हती. तेमणे “ साधर्मीना सगपण समुं अवर न सगपण कोई " ए. सूत्र उपर भार मूकी तेमना माटे सर्व कई करी छूटवानो अनुरोध कर्यो हतो. प्रमुखश्रीए पण श्रावक श्राविकाक्षेत्र ने मजबूत करवा उपर ज भार मूकी नाना नाना उद्योगो शरु करी दूंका तथा लांबा गाळानी योजनाओ अपनाववा जणाव्युं हतुं. आ अधिवेशने पसार करेला ठरावोमां श्रम उपर खास भार मूकवामां आव्यो, मध्यमवर्गने राहत आपवानी योजना चालु Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.005582
Book TitleJain Shwetambar Conferenceno Itihas
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNagkumar Makatai
PublisherSohanlal Madansinh Kothari
Publication Year1960
Total Pages216
LanguageGujarati
ClassificationBook_Gujarati
File Size14 MB
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