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वीरजी मुनि विरचित कर्मविपाकनो रास. ० अथवा जंबुरबानो रास..
तथा र गौतमष्टवानी चोपाई
ए ग्रंथ. शुनाशुन्ज कर्मोना फलनो दर्शावनार होवाथी सर्व श्रावक नाश्योने नणवा वां
चवा माटे नपयोगी जाणीने, श्रावक नीमसिंह माणके,
राजनगरमध्ये, राजनगर मुशायंत्रमा गपी प्रसिद्ध कयों, संवत् १९६६ सने १०१०
FOLOR-MASSAGESSESE
नम्र सूचन इस ग्रन्थ के अभ्यास का कार्य पूर्ण होते ही नियत
समयावधि में शीघ्र वापस करने की कृपा करें. जिससे अन्य वाचकगण दसका उपयोग कर सकें।
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