________________ ( 3 ) मालिंगन चुम्बनादि कुचेष्टा नहीं करता, उसी प्रकार प्रभु मूर्ति की रुचि वाले के लिये देखने तक ही हो सकती है, ऐसी हालत में मूर्ति की सीमातीत वन्दना पूजनादि रूप भक्ति क्यों की जाती है। ऐसा करना आप के उक्त उदाहरण से घट सकता है क्या ? अतएव यह उदाहरण भी मूर्ति पूजा में विफल ही रहा।