________________ (84} वस्तुएं खा लेंगे? नहीं, यह तो नहीं करेंगे। फिर तो आपकी मूर्ति पूजकता अधूरी ही रह गई ? / प्रिय बंधुओं ? सोचो, और हठ को छोड़कर सत्य स्वीकार करो इसी में सच्चा हित है। अन्यथा पश्चात्ताप करना पड़ेगा। AMAT 2:10A Thu, Titna d MRAAMA - - - - - II.3111 CEEEEEEE -55भम