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________________ 170 सुशीलनाममालायां * कच्छानामानि * . .. कच्छाटिका' च कच्छाटी२, कच्छा कक्षा च कथ्यते / * कौपीननामानि * कक्षापट' व कोपोनं२, कक्षापुटो ऽपि मन्यते // 1068 / / ॐ नक्तकनाम ॐ नक्तकः कर्षट श्चैव, प्रोक्त वस्खस्य खण्डकम् / * उत्तरच्छदनामानि के निचुलकं' च प्रच्छद-पटर स्तथोत्तरच्छद. // 1066 / / निचोलो निचुल चोक्तं, शय्याङ्गस्य वस्त्रकम् / ...... ॐ पूर्णपात्रनाम है / बलदाकृष्य सुहृद्धि, यदुत्सवेषु गृह्यते // 1100 // वस्त्रमाल्यादि तत् पूर्ण पात्रं' पूर्णानकं पुनः / * प्राप्रपदीननाम * तत् स्यादाप्रपदीन' ञ्च, व्याप्नोत्याप्रपदं हि यत् // 1101 / / * भिक्षुसङ्घाटीनाम . चीवरं' भिक्षुसङ्घाटी', भिक्षो वस्त्रं हि मन्यते /
SR No.004481
Book TitleSushil Nammala
Original Sutra AuthorN/A
AuthorVijaysushilsuri
PublisherSushilsuri Jain Gyanmandiram
Publication Year1988
Total Pages878
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size36 MB
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